‘वह अब हमारे बीच नहीं रहीं…’ गिरिबाला के वो शब्द, जिसने ट्विशा के परिवार को झकझोर दिया

New Delhi, 26 मई . ‘वह अब हमारे बीच नहीं रहीं.’ ये शब्द ट्विशा की सास ने पूर्व Actress-मॉडल की भाभी राशि को कहे थे. जब ट्विशा की सास ने 12 मई की शाम को उनके परिजनों को उनकी मृत्यु की खबर दी थी. इन शब्दों ने ट्विशा के माता-पिता की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी.

महज 54 मिनट के भीतर परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया. रात 9.41 बजे ट्विशा ने व्हाट्सएप कॉल पर अपनी मां से बात की और रात 10.35 बजे जब पीड़िता की सास गिरिबाला सिंह ने राशि को उसकी ननद की मौत के बारे में बताया.

यह पूरी जानकारी सीबीआई की दर्ज First Information Report में दी गई है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की फाइल अपने हाथ में ले ली और Monday को Bhopal में गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया.

सीबीआई के जांचकर्ताओं ने Bhopal Police द्वारा दर्ज किए गए मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट का भी अध्ययन किया है और पाया है कि उस दिन ट्विशा ने अपने पिता से उनके फोन पर कई बार बात की थी.

पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने, जिन्होंने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है, Bhopal Police को दिए अपने बयान में दर्ज कराया कि 12 मई की शाम को, जब ट्विशा रात 9.41 बजे अपनी मां से बात कर रही थी, तो उसके पति ने पीछे से चिल्लाकर पूछा कि वह किससे बात कर रही है और दिखाने को कहा.

उस घटना के बाद, ट्विशा का फोन 20 मिनट तक बंद रहा. उसके परिजनों द्वारा उसके निजी फोन पर संपर्क करने के कई प्रयास विफल रहे.

हताशा में, राशि ने गिरिबाला सिंह का फोन नंबर डायल किया. ट्विशा की सास ने फोन उठाया और जब राशि ने ट्विशा से बात करने को कहा, तो गिरिबाला सिंह ने यह कहते हुए कॉल काट दिया कि “वह अब इस दुनिया में नहीं है.”

कटारा हिल्स Police स्टेशन में दर्ज मूल First Information Report संख्या 133/2026 के अनुसार, समर्थ सिंह ट्विशा को इलाज के लिए एम्स Bhopal ले गए, जहां उन्होंने डॉक्टर को बताया कि ट्विशा ने रात करीब 10:20 बजे आत्महत्या कर ली थी. चिकित्सकीय जांच में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

Bhopal Police की First Information Report के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टर कार्तिक ने रात 12.05 बजे Police को समर्थ सिंह द्वारा अपनी पत्नी की आत्महत्या के बारे में दिए गए बयान की जानकारी दी.

सीबीआई की First Information Report में Bhopal Police के उस रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि ट्विशा की संक्षिप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा है: “मृत्य फांसी के कारण हुई है. शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटें देखी गई हैं.”

विवाह के सात वर्षों के भीतर संदिग्ध या अप्राकृतिक परिस्थितियों में नवविवाहित जोड़े की मृत्यु की जांच-पड़ताल एक अनिवार्य, कानूनी रूप से आवश्यक जांच है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृत्यु आत्महत्या, दुर्घटना या हत्या है.

कानून के अनुसार, यदि विवाह के सात वर्ष के भीतर किसी महिला की अप्राकृतिक मृत्यु हो जाती है और उसे पहले दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो, तो पति पर दहेज हत्या का आरोप लगाया जाता है. इस मामले में न्यूनतम सात वर्ष और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.

पीआईएम