शाजी प्रभाकरन ने भारत के फीफा विश्व कप में क्वालीफाई न कर पाने की बताई वजह, बोले- हम वहां पहुंचने के लिए मेहनत नहीं कर रहे

New Delhi, 19 जुलाई . अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के पूर्व महासचिव शाजी प्रभाकरन ने फीफा वर्ल्ड कप में India के क्वालीफाई न कर पाने के पीछे की वजहों को लेकर अपनी राय रखी है. प्रभाकरन का मानना है कि फीफा विश्व कप में जगह बनाने के लिए भारतीय फुटबॉल कड़ी मेहनत नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि वहां तक पहुंचने के लिए India के पास सभी संसाधन मौजूद हैं.

शाजी प्रभाकरन ने ‘ ’ के साथ खास बातचीत करते हुए India के फीफा विश्व कप में क्वालीफाई न कर पाने की वजहों पर बात की. उन्होंने कहा, “नहीं, यह बहुत दुख की बात है कि दुनिया यह सवाल पूछती है कि 1.4 अरब लोग वाला देश वर्ल्ड कप के लिए क्यों क्वालीफाई नहीं कर पा रहा है, लेकिन सच तो यह है कि हम वहां पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत नहीं कर रहे हैं, बस इतनी सी बात है. हमारे पास वहां पहुंचने के लिए सब कुछ है, लेकिन इसके लिए लगातार और ईमानदारी से कड़ी मेहनत करने, लोगों को एक साथ लाने और एक टीम की तरह काम करने की जरूरत है.”

प्रभाकरन ने भारतीय फुटबॉल को बेहतर मुकाम पर पहुंचाने को लेकर भी सलाह दी. उन्होंने कहा, “यह बहुत जरूरी है क्योंकि हम निश्चित रूप से हर मामले में पीछे हैं, लेकिन ये कोई मुश्किल काम नहीं हैं. इसके लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है. ये आसान चीजें हैं, जैसे बदलाव लाने और चीजों को बेहतर बनाने के लिए हमें लोगों को एक साथ लाना होगा और मिलकर काम करना होगा. हमारे पास क्षमता और काबिलियत है. India Government भी खेलों को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए बहुत गंभीर है और इसलिए वे फुटबॉल को भी सपोर्ट करना चाहते हैं. मैं सिस्टम के अंदर अच्छी तरह जानता हूं कि वे इसके लिए उत्सुक हैं, लेकिन अब यह फुटबॉल से जुड़े उन लोगों पर निर्भर करता है जो स्थिति और संगठन को संभाल रहे हैं कि वे सही समय पर सही फैसला लें और लोगों को एक साथ लाएं.”

उन्होंने आगे कहा, “हमें हर पहलू में सुधार करने की जरूरत है, चाहे वह प्रशासन हो, जमीनी स्तर हो, या फिर यूथ या सीनियर एलीट लेवल पर हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति हो. हमें सुधार करना होगा, लेकिन यह सब एक लक्ष्य की दिशा में ईमानदारी से काम करने और बदलाव लाने के जज्बे के बारे में है. देखिए, वर्ल्ड कप के दौरान हम देख सकते हैं कि हर दूसरा व्यक्ति फुटबॉल के बारे में बात कर रहा होता है. इससे पता चलता है कि क्रिकेट के बाद India में फुटबॉल सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले खेलों में से एक है और बड़े-बड़े क्रिकेटर भी फुटबॉल पसंद करते हैं. इसका मतलब है कि ज्यादातर भारतीय फुटबॉल पसंद करते हैं, और अगर हम सही काम करें, तो वे सभी एक साथ आ सकते हैं और खेल को सपोर्ट कर सकते हैं.”

प्रभाकरन ने कहा कि गलतियों और नकारात्मक पहलू पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए चीजों को बेहतर करने पर जोर देने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “अगर हम आज शुरुआत करें, तो इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है कि हम क्या नहीं कर पा रहे हैं. जरूरी बात यह है कि हम चीजों को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते हैं और हमें इसी पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि गलतियां या नकारात्मक पहलू बताना आसान है, लेकिन बदलाव के बारे में चर्चा करना और चीजों को बेहतर बनाने के लिए ईमानदारी से कोशिश करना बहुत जरूरी है. अगर हम ज्यादा मेहनत करें, अधिक लोगों और संगठनों को साथ लाएं और सभी स्टेकहोल्डर्स को एक साथ जोड़ें, तो यह बहुत मुश्किल नहीं है. हम वर्ल्ड कप में शामिल हो सकते हैं, बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और वर्ल्ड कप का जश्न और भी बड़े पैमाने पर मना सकते हैं.”

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के पूर्व महासचिव ने माना कि अगर India वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करता है, तो इसका बहुत फायदा देश को भी होगा. उन्होंने कहा, “इससे हमारे देश को भी बहुत फायदा होगा, क्योंकि मुझे लगता है कि फुटबॉल India के लिए ‘सॉफ्ट पावर’ का एक बहुत बड़ा जरिया बन सकता है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है. जैसा कि मैंने कहा कि कल दुनिया की 2 अरब आबादी यह मैच लाइव देखेगी और यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है. इस 2 अरब की आबादी में India के भी बहुत सारे लोग होंगे जो मैच देखेंगे. अगर India वर्ल्ड कप में खेलता है, तो हमारे लिए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाना आसान हो जाएगा.”

एसएम/डीकेपी