गंभीर कोरोना संक्रमित को एनआईवी से किया ठीक


उदयपुर (Udaipur). ड्यूटी के दौरान गंभीर कोरोना संक्रमित हुई महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी को जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल में एनआईवी तकनीक से उपचार देते हुए संक्रमण मुक्त कर जिंदगी बचाई गई.

बांसवाड़ा निवासी महिला जालोर में महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत है. वह दिसंबर माह में कोरोना संक्रमित पाई गई थी. वहां जालोर में इलाज के दौरान स्थिति बिगड़ती गई, जिस पर उन्हें यहां जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल रेफर किया गया था. उस समय महिला को श्वास लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ थी. यहां जांच कराने पर उनका ऑक्सीजन लेवल 40 से 45 प्रतिशत ही था. उनके छाती का सीटी स्कैन स्कोर भी 25 में से 24 था. महिला कर्मचारी स्क्रब टाइफस और मल्टी ऑर्गन फेल्योर सिंड्रोम से भी ग्रसित थी. महिला के डाइमर, सीआरपी, आईएल-6, क्रिएटिनिन और लीवर एंजाइम बहुत ज्यादा बढ़े हुए थे.

डायरेक्टर डॉ. सुरभि पोरवाल ने बताया कि इस गंभीर हालत में मरीज को यहां जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल के कोविड आईसीयू में डॉ. विजय आमेरा के नेतृत्व में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. मरीज का कोविड प्रोटोकॉल सें आईसीयू मैनेजमेंट करते हुए एंटी बायोटिक्स, एंटी वायरल, प्लाज्मा थैरेपी, गुर्दे व लीवर की दवाइयों से उपचार किया. इसके साथ ही रोगी की एनआईवी तकनीक से लगातार ऑक्सीजन लेवल मेंटेन किया गया. लगातार 50 दिन तक इसी तरह से उपचार करते हुए मरीज को कोरोना संक्रमण मुक्त किया और उन्हें हो रही बीमारियों का भी निदान भी करते हुए बुधवार (Wednesday) को मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया. आमतौर पर इस तरह के गंभीर कोरोना मरीज का बचना मुश्किल रहता है, लेकिन यहां जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल में स्वस्थ कर घर भेजना संभव हुआ.

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