
डकार, 26 जुलाई . सेनेगल के President बसिरू डियोमाये फेय ने Sunday को डकार में आयोजित एक स्थापना सभा में अपनी नई Political पार्टी ‘किराए, लेस पैट्रियट्स रिपब्लिकन्स’ की आधिकारिक शुरुआत की.
यह नई पार्टी डियोमाये प्रेसिडेंट कोएलिशन से निकली है, जिसने मार्च 2024 के President चुनाव में फेय की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. सभा में शामिल लोगों ने पार्टी के स्थापना दस्तावेजों को मंजूरी दी और उसका नारा ‘द होमलैंड फर्स्ट’ पेश किया.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, वोलोफ भाषा में ‘किराए’ का मतलब सुरक्षा, आश्रय या ढाल होता है. पार्टी के नेताओं के मुताबिक, इस नई पार्टी का मकसद President के एजेंडे का समर्थन करने वाले Political दलों, संगठनों और लोगों को एक मंच पर लाना है.
इस पार्टी के गठन की जिम्मेदारी पूर्व Prime Minister अमीनाता टूरे ने संभाली. President फेय ने उन्हें अपने समर्थकों को एक ही Political संगठन के तहत जोड़ने का काम सौंपा था.
नई पार्टी ऐसे समय में शुरू हुई है जब फाये और उनके पूर्व Prime Minister ओस्मान सोनको के बीच Political मतभेद सामने आ चुके हैं. सोनको अब नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं और अफ्रीकन पैट्रियट्स ऑफ सेनेगल फॉर वर्क, एथिक्स एंड फ्रैटरनिटी (पेस्ट) पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं.
फेय पहले ‘पेस्ट’ के महासचिव थे, लेकिन 2024 में President बनने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया था. नवंबर 2024 में हुए संसदीय चुनावों में ‘पेस्ट’ ने नेशनल असेंबली की 165 में से 130 सीटें जीती थीं.
पिछले हफ्ते फेय ने पश्चिम अफ्रीकी देशों के आर्थिक समुदाय (इकोवास) के राष्ट्राध्यक्षों और Government प्रमुखों की परिषद के अध्यक्ष का पद एक साल के लिए संभाल लिया.
फेय को यह जिम्मेदारी सिएरा लियोन की राजधानी फ्रीटाउन में Sunday को हुई ‘इकोवास’ की 69वीं नियमित बैठक में सौंपी गई. उन्होंने सिएरा लियोन के President जूलियस माडा बायो की जगह ली, जो इससे पहले इस घूर्णन (रोटेशन) वाले पद पर थे.
एक दिन चले इस शिखर सम्मेलन में पश्चिम अफ्रीका में क्षेत्रीय सहयोग का भविष्य, Political और सुरक्षा हालात, संस्थागत सुधार और संगठन को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
सेनेगल के President कार्यालय के अनुसार, फेय ने कहा कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था ‘मजबूत बनी हुई है, लेकिन अब भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है.’ उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम अफ्रीका ‘आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र’ है और इस वजह से संस्थागत सुधार की ज़रूरत पहले से ज्यादा है.
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एवाई/डीकेपी
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