
Mumbai , 17 जून . सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) ने निवेशकों को एक बार फिर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से दूर रहें. सेबी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म न तो उसके द्वारा अधिकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त हैं, इसलिए इन पर होने वाले ट्रांजैक्शन्स या ट्रेडिंग निवेशकों के लिए जोखिम भरे साबित हो सकते हैं.
सेबी ने निवेशकों को आगाह किया है कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करने के साथ-साथ अपनी निजी और संवेदनशील जानकारी भी साझा न करें. नियामक संस्था के अनुसार, इन वेबसाइटों पर उपलब्ध सेवाएं किसी आधिकारिक निगरानी के दायरे में नहीं आतीं, जिससे निवेशकों को वित्तीय नुकसान का खतरा बढ़ सकता है.
नियामक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “निवेशकों को एक बार फिर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्मों पर किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन्स/ट्रेडिंग करने या उन पर कोई भी संवेदनशील पर्सनल डिटेल्स शेयर करने के जोखिमों के बारे में आगाह किया जाता है, क्योंकि ये प्लेटफार्म सेबी द्वारा न तो अधिकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त हैं.”
यह पहली बार नहीं है जब सेबी ने इस तरह की चेतावनी जारी की है. इससे पहले भी दिसंबर 2024 और अगस्त 2016 में निवेशकों को ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म से सावधान रहने की सलाह दी गई थी. इसके बावजूद कई ऑनलाइन वेबसाइटें और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म अभी भी अनलिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री की सुविधा दे रहे हैं.
सेबी ने कहा कि यदि कोई निवेशक ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करता है, तो उसे नियामकीय सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा. इसका मतलब है कि निवेशक सेबी, स्टॉक एक्सचेंज या डिपॉजिटरी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले निवेशक संरक्षण, शिकायत निवारण और ऑनलाइन विवाद समाधान जैसी सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे.
बाजार नियामक ने दोहराया कि केवल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज ही प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री और फंड जुटाने के लिए अधिकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा सकते हैं. इसलिए निवेशकों को किसी भी निवेश या ट्रेडिंग गतिविधि से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता और नियामकीय स्थिति की जांच जरूर करनी चाहिए.
सेबी ने यह भी याद दिलाया कि वह पहले कई अनधिकृत वर्चुअल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, पेपर ट्रेडिंग, फैंटेसी गेम्स और बिना रजिस्ट्रेशन वाले ऑनलाइन डेट सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ भी चेतावनी जारी कर चुका है. नियामक का कहना है कि निवेशकों को केवल अधिकृत और नियमन वाले प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि उनके निवेश सुरक्षित रह सकें.
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डीबीपी
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