छठी से आठवीं तक के भी 11 महीने बाद खुले स्कूल


जयपुर (jaipur) . कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन के कारण करीब 11 महीने पहले बंद हुई स्कूली शिक्षण संस्थाओं को राज्य सरकार (State government) ने कोरोना गाइडलाइन को फालो करने की शर्तो के साथ आज से खोल दिए गए है. स्कूल खुलने के साथ ही छठी से आठवी तक की स्कूल में पहले दिन ही उपस्थिति अच्छी रहीं विशेष यह दिखा कि सरकारी स्कूलों के अलावा प्राइवेट स्कूला के संचालकों के चेहरो पर खुशी देखी गई जबकि अभिभावकों में अपने बच्चो के स्वास्थ्य के प्रति कहीं ना कहीं थोडी बहुत चिंता दिखी.

करीब 11 महीने बाद छठी से आठवीं तक के बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो स्कूल में अलग ही माहौल रहा. जब बच्चे स्कूल गेट पर पहुंचे तो यहां उन्हें थर्मल स्कैनिंग से तापमान मापने, हाथ सैनेटाइज करवाने और मास्क लगाने के बाद प्रवेश दिया गया. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गेट के बाहर पहले से बने सफेद गोलों में बच्चों को दूर-दूर खड़ा रखकर उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी गई. राजकीय माध्यमिक विद्यालय, ब्रह्मपुरी के प्रधानाध्यापक प्रभाशंकर शर्मा ने बताया कि आज जिस तरह स्कूल में 9वीं और 10वीं के बच्चों की उपस्थिति धीरे-धीरे बढक़र 90 फीसदी तक पहुंची है. आज कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों की औसत उपस्थिति 75 फीसदी से भी ज्यादा रही.

झोटवाड़ा स्थित चक बासड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल सुनीता जाट ने बताया कि बच्चों के पेरेंट्स के साथ बैठक की और उन्हें स्कूल खुलने के संबंध में सरकार की गाइडलाइन के बारे में बताया गया. इस बैठक में अभिभावकों ने अपने-अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति दी. उसी का परिणाम रहा कि स्कूल में तीनों कक्षाओं में 80 फीसदी बच्चे पहुंचे. भले ही कोरोनाकाल में अब सब कुछ अनलॉक हो गया हो, लेकिन अभी कक्षा एक से 5वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल नहीं खुले है. इन कक्षाओं को स्माइल प्रोजेक्ट या अन्य किसी माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी. छठी व उससे ऊपर की कक्षा तक के स्कूल खुलने से अब उम्मीद की जा रही है कि 1 मार्च से पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खुल जाएंगे. हालांकि इस पर निर्णय मुख्यमंत्री (Chief Minister) स्तर पर होगा.

Check Also

अब डाक टिकट पर दादी जानकी!

 (लेखक/ -डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका रही राजयोगिनी …