लगातार दौरे से बिगड़ी स्थिति में पहुंची महिला को बचाया


उदयपुर (Udaipur). लगातार दौरे उठने से बिगड़ी स्थिति में पहुंची महिला को जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के न्यूरोलॉजी विभाग में उपचार देकर बचाया गया. इस तरह के मरीज एक लाख में एक पाए जाते हैं.

ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि करीब आठ दिन पहले छोटी सादड़ी निवासी ललिता बाई (30) को परिजन यहां जीबीएच जनरल हॉस्पीटल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निशांत अश्वनी के पास लेकर पहुंचे थे. मरीज को उसके पहले चार दिन में करीब सौ से अधिक दौरे आ चुके थे और अन्यत्र डॉक्टर (doctor) के देखने के दौरान भी उसे बार-बार दौरे उठ गए थे. मरीज को बुखार, बेहताश सिर दर्द, उल्टी, चक्कर आने, व्यवहार में परिवर्तन के साथ यह दौरे उठ रहे थे. मरीज को लगातार दौरे आने के कारण उनकी स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई थी.

डॉ. निशांत अश्वनी ने मरीज को वेंटीलेटर पर लेते हुए आईसीयू में शिफ्ट किया. यहां छह दिन आईसीयू में डॉ. निशांत अश्वनी और आईसीयू प्रभारी डॉ. पियूष गर्ग की निगरानी में रखते हुए निथाइल प्रेइनीसेलोन से इलाज दिया. मरीज को आईसीयू में लेने और इलाज शुरू करने के बाद पूरी तरह दौरे बंद हो गए थे. सातवें दिन मंगलवार (Tuesday) को महिला रोगी को डिस्चार्ज कर दिया गया.

डॉ. निशांत अश्वनी ने बताया कि इस तरह की समस्या को चिकित्सकीय भाषा में ऑटो इम्यून इनकेफेलाइटिस कहा जाता है. इसमें मरीज के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले सेल्स बदल जाते हैं. वह दिमाग के नर्वस सेल्स के खिलाफ काम करने लगते हैं. एक तरह से यह एंटी बॉडी का काम करते हैं. इस तरह की बीमारी कम ही लोगों में मिलती है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस तरह के मरीज एक लाख में एक होते हैं और इस तरह लगातार दौरे आने से मरीज के जान पर भी बन जाती है. डॉ. अश्वनी के अनुसार इस तरह की बीमारी में करीब डेढ़ से पौने दो लाख रूपए का खर्च होता है, लेकिन इस मरीज को निथाइल प्रेइनीसेलोन के सिर्फ आठ हजार कीमत के इंजेक्शन से स्वस्थ किया गया.

Check Also

रानी पद्मिनी के नाम से खुलेगा कन्या महाविद्यालय,  इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नाम से बनेगी नई फेकल्टी

उदयपुर (Udaipur). मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय रानी पद्मिनी के नाम से एक कन्या महाविद्यालय खोलेगा जो …