कांग्रेस और राहुल गांधी पर सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला, छात्र आंदोलन को लेकर लगाए गंभीर आरोप

New Delhi, 23 जुलाई . छात्र आंदोलन और हालिया Political घटनाक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए एक विस्तृत बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कुछ social media इन्फ्लुएंसर्स और ट्रोल्स छात्र आंदोलन को लेकर लगातार अपना रुख बदलते रहे और समय-समय पर अलग-अलग रणनीति अपनाते रहे.

सौरभ भारद्वाज के अनुसार, शुरुआत में कांग्रेस समर्थक social media समूहों ने सीजेपी और अभिजीत डिपके की आलोचना की तथा पूरे अभियान को केवल social media का बुलबुला बताने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि जब अभिजीत दिपके 6 जून को India पहुंचे तो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मजाक उड़ाया गया और इसे महज 200 लोगों की भीड़ वाला प्रदर्शन बताया गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों से अधिक यूट्यूबर्स मौजूद होने का दावा किया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी के कार्यक्रमों और सभाओं को बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया तथा उन्हें आंदोलन का चेहरा बनाने की कोशिश हुई. हालांकि भारद्वाज का कहना है कि इन कार्यक्रमों में अधिकांश भीड़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की थी, न कि आम युवाओं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगभग एक महीने तक विदेश में रहे और उस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने बड़े खर्च के साथ छात्र आंदोलन जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया लेकिन वह पूरी तरह से स्वाभाविक जनसमर्थन जुटाने में सफल नहीं हो सकी. उनका दावा है कि 20 जुलाई को जब सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और जेन-जेड वर्ग के लोग शामिल हुए तो कांग्रेस ने उसी आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी और राहुल गांधी को उसका नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी Prime Minister आवास के पास बैठे और मीडिया के माध्यम से युवाओं से वहीं आने की अपील की, जिससे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का प्रभाव कम करने की कोशिश की गई. सौरभ भारद्वाज का दावा है कि इस प्रयास को जनता और आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्वीकार नहीं किया तथा आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने भी कांग्रेस की इस रणनीति का विरोध किया.

अपने बयान के अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब कांग्रेस की रणनीति सफल नहीं हुई तो उसके समर्थक फिर से शुरुआती चरण में लौट आए और एक बार फिर सीजेपी तथा आंदोलन से जुड़े लोगों पर सवाल उठाने लगे. उन्होंने इसे कांग्रेस की “बार-बार दोहराई जाने वाली Political रणनीति” बताया.

पीकेटी/पीएम