मौलाना सज्जाद नोमानी के बयान पर भड़के संजय उपाध्याय, कहा- गजवा-ए-हिंद की चेतावनी

Mumbai , 19 जून . Maharashtra की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बढ़ती अंदरूनी कलह और सांसदों की कथित बगावत को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने न केवल यूबीटी की स्थिति पर तीखा हमला बोला, बल्कि जनसंख्या संतुलन, धर्मांतरण और पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 सम्मेलन में Prime Minister Narendra Modi के संबोधन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मौलाना सज्जाद नोमानी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें India की जनगणना पर सवाल उठाते हुए हिंदुओं के बहुसंख्यक होने को लेकर टिप्पणी की गई थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपाध्याय ने कहा कि यह पूरे हिंदू समाज के लिए एक चेतावनी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग गजवा-ए-हिंद और India को शरिया के अनुसार चलाने जैसी बातें करते हैं. ऐसे में हिंदू समाज को समय रहते जागरूक होने की आवश्यकता है. उनका कहना था कि यदि धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ती रहीं और हिंदुओं की संख्या में कमी आती रही तो भविष्य में जनसंख्या संतुलन बिगड़ सकता है, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं.

संजय उपाध्याय ने कहा कि हिंदू समाज को सजग रहने, अपने परिवारों पर ध्यान देने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनसंख्या का संतुलन बिगड़ता है तो आने वाले समय में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है.

Maharashtra में उद्धव ठाकरे के कुछ सांसदों के असंतोष और बगावत की खबरों के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की ओर से दिए गए बयानों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधा. उपाध्याय ने कहा कि संजय राउत की धमकियों को Maharashtra में शायद ही कोई गंभीरता से लेता हो. उन्होंने आरोप लगाया कि अपने Political नेतृत्व को खुश करने के लिए अनर्गल बयान देना संजय राउत की पुरानी आदत रही है.

उन्होंने कहा कि किसी भी Political दल के नेतृत्व को अपने सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को सम्मान, विश्वास और संवाद का माहौल देना चाहिए. लेकिन यदि नेताओं की बात न सुनी जाए, उन्हें अपमानित किया जाए और सार्वजनिक रूप से आलोचना या गाली-गलौज का सामना करना पड़े, तो संगठन में असंतोष पैदा होना स्वाभाविक है. उन्होंने दावा किया कि यूबीटी की वर्तमान स्थिति के लिए काफी हद तक संजय राउत की कार्यशैली जिम्मेदार है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी नेता के पास ऐसा सलाहकार हो तो उसे विरोधियों की जरूरत नहीं पड़ती. उनके अनुसार ऐसी परिस्थितियों में संगठन का नुकसान होना तय है.

पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 में Prime Minister Narendra Modi के संबोधन की सराहना करते हुए संजय उपाध्याय ने कहा कि India आज डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एआई का अर्थ केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि सर्वसमावेशी विकास होना चाहिए. तकनीक का उपयोग जनहित और मानव कल्याण के लिए किया जाना आवश्यक है, ताकि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और सहजता लाई जा सके.

उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान में दुनिया भर में होने वाले डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा India में हो रहा है, जो इस बात का संकेत है कि देश तेजी से डिजिटल तकनीकों और एआई आधारित व्यवस्थाओं को अपना रहा है. उन्होंने कहा कि चाहे शहरों के युवा हों या ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक, सभी डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन रहे हैं. India में तकनीकी क्षेत्र में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वह क्रांतिकारी है और देश एआई के क्षेत्र में भी मजबूती के साथ अपनी पहचान बना रहा है. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने पूरे विश्व से मानव कल्याण और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है.