छात्र आंदोलन पर संजय सेठ ने सरकार को घेरा, खियांग्ते की गिरफ्तारी को बताया ‘आईवॉश’, सीबीआई जांच की मांग

रांची, 10 अगस्त . केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने Monday को Jharkhand में चल रहे जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन को लेकर राज्य Government पर निशाना साधा. उन्होंने अलग-अलग social media पोस्ट के जरिए छात्रों पर Police कार्रवाई, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सवाल उठाए. साथ ही जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को भी उन्होंने ‘आईवॉश’ करार दिया और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की.

सेठ ने कहा कि Jharkhand के युवाओं ने पारदर्शी परीक्षा की मांग की थी, लेकिन उन्हें बदले में लाठियां मिलीं. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलित छात्रों के खिलाफ Police कार्रवाई राज्य Government की नाकामी को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन हक की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता.

जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले से ही सीआईडी जांच को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच के नाम पर केवल ‘आईवॉश’ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि राज्य Government वास्तव में मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है तो इसे सीबीआई को सौंपना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी राज्य Government से जुड़े कई मामलों में सीआईडी जांच और उसके परिणाम जनता देख चुकी है.

उनके अनुसार, खियांग्ते की गिरफ्तारी से मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी. उन्होंने Government से सीबीआई जांच के जरिए पूरे मामले की तह तक जाने की मांग की. सेठ ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और दोबारा लाठीचार्ज की खबरों पर भी Government को घेरा. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे तो वाटर कैनन और लाठीचार्ज की जरूरत क्यों पड़ी.

उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और अब न्याय की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जांच से होना चाहिए.

संजय सेठ ने कहा कि बारिश के बीच छात्रों को धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने और फिर वाटर कैनन तथा लाठीचार्ज का इस्तेमाल करने से समस्या का समाधान नहीं होगा.

एसएनसी/डीकेपी