
Mumbai , 25 जून . शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि कुछ गद्दार सांसदों ने धमकी देते हुए बोल रहे हैं कि अगर कोई मेरे बारे में उल्टा सीधा बोलेगा, तो बम फेंक दूंगा. इस तरह की धमकी बहुत ही गंभीर हो जाती है. मैंने इस संबंध में Mumbai Police कमिश्नेरट देवेंद्र भारती के पत्र लिखकर इस मामले पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया.
उन्होंने Thursday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर हमारी सेना को Pakistan में बम डालना होता है, तो वो Prime Minister Narendra Modi से अनुमति लेते हैं कि बम डालना है की नहीं? इसी तरह Prime Minister मोदी भी अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप से सवाल करते हैं कि क्या करना है? बम फेंकना की नहीं? लेकिन, ये लोग तो सीधा बोल रहे हैं कि हम बम डालेंगे. हम हत्या कर देंगे. हम पहले भी इतने लोगों को मार चुके हैं, तो ऐसी स्थिति में उनकी जांच होनी चाहिए.
संजय राउत ने कहा कि आखिर इन लोगों के पास बम कहां से आया? क्या एकनाथ शिंदे ने बम की फ्रैक्ट्री बनाई है? बाकी के सभी गद्दारों के खिलाफ जनता के बीच में रोष है, तो क्या ऐसे लोगों को सिक्योरिटी के लिए बम दिए गए हैं? अगर हां, तो निश्चित तौर पर इसकी जांच होनी चाहिए. मैंने इस संबंध में पत्र लिखा है. मैं खुद इस मामले को लेकर कोर्ट में जाऊंगा? हम इन लोगों के खिलाफ आंदोलन भी करेंगे. जिनको हम डालना है, डाले, हम किसी से भी नहीं डरते.
इसके अलावा, संजय राउत ने आपातकाल के विषय को एनसीईआरटी की पुस्तकों में शामिल करने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, आपातकाल को अगर सिलेबस में डाला गया है, तो हमें समझना चाहिए कि जो लोग इस तरह का बर्ताव करते हैं, उनकी Government चलसी जाती है. इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि इस देश में पिछले 12 सालों से आपातकाल लगा हुआ है. इंदिरा गांधी ने किसी की पार्टी को तोड़ने का काम नहीं किया. इंदिरा गांधी ने संविधान को खत्म नहीं किया. संघ के लोग जब जेल में थे, तो इंदिरा गांधी ने इन सभी लोगों के लिए पूरी व्यवस्था की थी. यहां तक की फाइव स्टार होलट के सेफ को भी इनकी सेवा के लिए नियुक्त किया गया था. उसमें से कुछ लोगों इंदिरा गांधी को माफी भी मांगी थी. इसमें कई लोग शामिल थे. अब इस घटना को 50 साल हो चुके हैं. अब इस देश में आपातकाल है. आपातकाल किसी पढ़ाई का विषय नहीं है, यह व्यवस्था का विषय है.
उन्होंने कहा कि संविधान में यह व्यवस्था की गई है कि जब कभी भी देश में प्रतिकूल स्थिति पैदा होगी, तो आपातकाल लगा दिया जाएगा. इस तरह की व्यवस्था संविधान में की गई है. अब अगर आप संविधान के बारे में इस तरह की बातें कर रहे हैं, तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि आप संविधान को नहीं मानते हैं.
संजय राउत ने कहा कि अगर देश में अराजकता फैलती है, तो आप लोगों ने नोटबंदी क्यों लगाई थी? मुझे इसके बारे में बताइए. कोरोना काल में एपेडेमिक एक्ट क्यों लगाया गया है? जाहिर-सी बात है कि संविधान में इन तमाम स्थितियों से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है. इससे यह साफ जाहिर होता है कि आप लोग संविधान को नहीं मानते हैं.
राज्यसभा सांसद ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने भी आपातकाल का समर्थन किया था, क्योंकि देश में अराजकता का माहौल था. बीजेपी के नेता उन दिनों खुलेआम Government को चैलेंज कर रहे थे और लोगों को गुमराह करते हुए कह रहे थे कि Government के आदेश का पालन मत करो. अगर कोई Prime Minister के बारे में कहेगा कि उनके आदेश का पालन मत करो, तो उन्हें कैसा लगेगा. ऐसी स्थिति में एक नहीं, बल्कि दस इमरजेंसी लगनी चाहिए.
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