
Mumbai , 17 जून . शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष पर India के युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग देश की समस्या Government के सामने उठाने के बजाय लोगों को भड़काने का प्रयास करते हैं, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है.
संजय निरुपम ने से बात करते हुए कहा कि विपक्ष अगर चाहे तो देश की समस्या Government के सामने रख सकता है, लेकिन वो Government के सामने कुछ नहीं कर रहा है. ये लोग बस देश में गलत मैसेज भेज रहे हैं, जिससे देश का माहौल खराब किया जा सके. ये कोई पुरानी आदत नहीं है. इससे पहले भी विपक्ष देश के लोगों को गुमराह करने का काम कर चुका है.
Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के social media पोस्ट पर शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “बेरोजगारी India के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में एक बड़ा मुद्दा है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता. निश्चित रूप से, विपक्ष या किसी भी अन्य व्यक्ति को Government पर रोजगार के और अवसर पैदा करने के लिए रचनात्मक दबाव डालने का अधिकार है.”
उन्होंने कहा कि अगर आप छात्रों को उकसा रहे हैं, युवा पीढ़ी की भावनाओं को भड़का रहे हैं और उनके असंतोष को एक विद्रोही आंदोलन में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह भारत-विरोधी होगा. यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि के बराबर होगा. ऐसी गतिविधियों के लिए राहुल गांधी को माफ नहीं किया जा सकता है.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बागी सांसदों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, “शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों में एक असंतोष और नाराजगी है. शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों में भी असंतोष है. उनका नेतृत्व के प्रति जो अविश्वास है, उसकी वजह से उनमें एक छटपटाहट और बेचैनी है. संजय राउत कल तक अपने सांसदों के लिए प्रेम और आदर की भाषा का इस्तेमाल करते थे. आज वे सांसदों को अपशब्द देने लगे हैं. कल शाम तक तो उन्होंने अपने सांसदों को बिकाऊ तक कह दिया. आपकी पूरी पार्टी का नेतृत्व खत्म हो चुका है. आपके नेतृत्व में काम करने की क्षमता नहीं है.”
‘ऑपरेशन टाइगर’ पर संजय निरुपम ने कहा, “शिवसेना (यूबीटी) की पार्टी 2029 तक खत्म हो जाएगी. लोग रोज पार्टी छोड़ रहे हैं. जहां तक उनके सांसदों की बात है, तो हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है. यह पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी और लोग इसे छोड़ देंगे.”
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एबीएम
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