मुंबई, 4 अप्रैल . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने गुरुवार को दावा किया कि पार्टी से इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया.

उन्होंने 3 अप्रैल (बुधवार) को अपना संक्षिप्त त्यागपत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर कटाक्ष किया गया है.

निरुपम ने बुधवार शाम को पार्टी अध्यक्ष को भेजे पत्र में लिखा है, “मैंने आखिरकार आपकी बहुप्रतीक्षित इच्छा पूरी करने का फैसला किया है और मैं घोषणा करता हूं कि मैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना चाहता हूं.”

उन्होंने कहा, “इस संचार को मेरा त्याग पत्र माना जाए.”

एक्स पर आज पत्र की कॉपी साझा करते हुए निरुपम ने अपने पोस्ट में लिखा, “ऐसा लगता है कि पार्टी को कल रात मेरा इस्तीफा मिलने के तुरंत बाद उन्होंने मुझे निष्कसित करने का फैसला किया. इतनी तत्परता देखकर अच्छा लगा.”

मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाये जाने से नाराज पत्रकार से नेता बने निरुपम बागी हो गए थे. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेंगे.

पिछले सप्ताह महा विकास अघाड़ी की सहयोगी पार्टी शिव सेना (यूबीटी) ने इस सीट से अमोल जी कीर्तिकर को उम्मीदवार बनाने की घोषणा के बाद निरुपम ने सार्वजनिक रूप से अपना गुस्सा जाहिर किया था. उन्होंने शिव सेना (यूबीटी) और कांग्रेस सीट-बंटवारे पर वार्ताकारों को कड़ी फटकार लगाई थी.

निरुपम ने कथित तौर पर शिव सेना (यूबीटी) के सामने घुटने टेकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्य प्रमुख पटोले और मुंबई प्रमुख वर्षा गायकवाड़ पर बिना नाम लिए एक घृणित परोक्ष हमला भी किया था.

संयोग से, निरुपम (अविभाजित) शिवसेना से दो बार के पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के पूर्व मुंबई उत्तर लोकसभा सांसद हैं.

उनके विद्रोह को भांपते हुए राज्य कांग्रेस ने भी उन्हें बुधवार को लोकसभा चुनाव के पार्टी के स्टार प्रचारकों की राज्य सूची से हटा दिया.

एकेजे/