नैस्कॉम इंजीनियरिंग और इनोवेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड में सैमसंग ने जीता दोहरा सम्मान

 

सैमसंग R&D संस्थान बैंगलोर (SRI-B) ने 2021 में नैस्कॉम इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड के प्रथम संस्करण में ER&D ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द ईयर अवॉर्ड और सोशल इम्पैक्ट सॉल्यूशन ऑफ द ईयर अवॉर्ड जीता है.

 

ER&D ऑर्गनाइजेशन ऑफ द ईयर अवॉर्ड उन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) को सम्मानित करता है जो पोर्टफोलियो ट्रांसफॉर्मेशन, तकनीकी प्रतिभा विकास, उत्कृष्टता एवं नवाचार योगदान के अगली पीढ़ी के केंद्र की स्थापना के तौर पर वैश्विक ER&D ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.

 

SRI-B, जो कोरिया के बाहर सैमसंग का सबसे बड़ा R&D केंद्र है, ने स्मार्टफोन, नेटवर्क और कनेक्टेड होम अप्लायंस जैसे अलग-अलग प्रोडक्ट लाइन में अपने “शोध से व्यवसायीकरण” अप्रोच के लिए यह अवॉर्ड जीता है. वायरलेस संचार, मल्टीमीडिया (Media) , AI और IOT के लिए उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से फ्लैगशिप डिवाइस के लिए एक पेटेंट पावरहाउस के रूप में SRI-B के योगदान को भी स्वीकार किया गया. जूरी ने SRI-B के विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी और स्टार्ट-अप के साथ मिलकर काम करने की भी सराहना की.

 

सोशल इम्पैक्ट सॉल्यूशन ऑफ द ईयर अवॉर्ड ने हाल ही में विकसित आईलाइक प्लेटफॉर्म, जो सैमसंग गैलेक्सी अपसाइकलिंग प्रोग्राम का एक हिस्सा है, के महत्व को स्वीकार किया. इस प्रोग्राम के तहत सैमसंग पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमाल मेडिकल डायग्नोसिस कैमरे के रूप में और वियतनाम, भारत, मोरक्को और पापुआ न्यू गिनी में आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों की मदद के लिए करती है.

 

SRI-B ने शोध कर फंडुस ईमेज कैप्चर मैकेनिज्म (AF और MF), ऑन-डिवाइस AI, UX सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और सर्वर सपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधाएं देने वाले आईलाइक एप्लिकेशन के लिए सॉफ्टवेयर को विकसित किया है.

 

अनूठा और सामान्य कीमत में आने वाला डायग्नोसिस कैमरा मरीजों को ऐसी परिस्थितियों के लिए स्क्रीन कर सकता है, जो डायबिटिक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा और उम्र से संबंधित मैक्युलर डिजेनेरेशन सहित अंधेपन का कारण बन सकते हैं. भारत में आईलाइक को अरविंद आई हॉस्पिटल के माध्यम से तैनात किया गया है और दुनिया भर में वियतनाम, मोरक्को, पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों में भी इसे इस्तेमाल किया जा रहा है.

 

इसी साल लॉन्च किए गए नैस्कॉम इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड के जरिए भारतीय ER&D समुदाय के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करने की कोशिश की गई है, जहां वह दुनिया के सामने अपनी असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन कर सके.

 

SRI-B ने 2021 में भारत में अपने कामकाज के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किए हैं और स्टार्टअप तथा शैक्षणिक जगत में एक मजबूत पारिस्थितक तंत्र को बढ़ावा देते हुए समुदायों की जिंदगियां बदलने और लोगों की जीवनशैली को बेहतर बनाने पर केंद्रित अत्याधुनिक संसाधनों के साथ शोध कार्य करते हुए R&D की नई रणनीति के साथ #PoweringDigitalIndia के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दुहराया है.

 

 

SRI-B ने 1996 में अपनी स्थापना के बाद से वायरलेस संचार में उत्कृष्टता, मल्टीमीडिया (Media) और ईमेज प्रोसेसिंग, दृष्टि, आवाज और लिखित तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) में उत्कृष्टता के साथ सैमसंग के लिए वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक R&D के रूप में अपना स्थान बनाया है.

 

कैमरा तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 5G के क्षेत्र में नए आविष्कारों के जरिए सैमसंग के लिए दृढ़ता से एक अलग स्थान तैयार करने की अपनी वर्तमान जिम्मेदारी निभाने के साथ SRI-B अगले पांच वर्षों में मल्टी-डिवाइस इंटेलीजेंस, 5G से आगे, ब्लॉकचेन और डाटा साईंस के क्षेत्रों में खोजबीन करेगा.

 

SRI-B, जिसने पिछले एक दशक में अपने इंजीनियरों के बीच पेटेंट के लिए आवेदन करने की एक मजबूत परंपरा विकसित की है, आगे भी स्टार्टअप, छात्रों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर ओपन इनोवेशन का भी विस्तार करेगा जिससे देश में इनोवेशन और स्टार्टअप का तंत्र मजबूत हो.

 

यह अपने उद्योग-शैक्षणिक जगत के संयुक्त कार्यक्रम प्रिज्म को और बढ़ाकर इन कोशिशों को तेज करेगा. प्रिज्म के तहत केंद्र अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में शोध एवं विकास की वास्तविक जीवन की परियोजनाओं पर इंजीनियरिंग के छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर काम कर रहा है. अब तक इसने देश के लगभग 500 छात्रों के साथ काम किया है और इनमें से कुछ ने सैमसंग के इंजीनियरों के साथ मिलकर पेटेंट के लिए आवेदन भी किया है.

 

 

 

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