
इटावा, 26 जुलाई . यूपी के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच वर्ष तक Chief Minister रहने के बावजूद अखिलेश यादव उसे आगे नहीं बढ़ा सके. भाजपा Government ने 490 करोड़ रुपए की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पूरा कराया, जबकि 232 करोड़ रुपए की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया, जिससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है.
सीएम योगी ने Sunday को इटावा, जसवंतनगर एवं भरथना विधानसभा क्षेत्र में 604 करोड रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए.
सपा पर तीखा हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन उसके लिए इच्छाशक्ति और समय चाहिए था. बबुआ तो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम चले जाते थे और 7 बजे महफिल जम जाती थी. जनता और विकास के लिए समय कहां था? यही कारण था कि प्रदेश और इटावा लंबे समय तक पहचान के संकट से जूझते रहे. पहले इटावा के युवाओं के सामने पहचान का संकट था, लेकिन अब प्रदेश और देश में उन्हें वही सम्मान मिलता है जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को प्राप्त होता है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में डबल इंजन Government ने इटावा की पहचान बदलने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले इटावा सहित पूरे प्रदेश में अपराध, भय और अराजकता का माहौल था. लोग इस क्षेत्र से गुजरने तक से डरते थे. उस समय प्रदेश में निवेश नहीं आता था क्योंकि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित रहते थे. भारतीय जनता पार्टी की Government बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और संगठित अपराध तथा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई. भाजपा ने जो कहा, उसे करके दिखाया. पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे और उत्तर प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू, अराजकता और संगठित अपराध से जुड़ गई थी. इससे युवाओं, किसानों, कारीगरों और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था. अब वही प्रदेश बदल चुका है. उत्तर प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट- वन क्यूजीन की पहचान बनी है. आज उत्तर प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू, न उपद्रव और न ही संगठित अपराध का बोलबाला है.
Chief Minister ने कहा कि एक समय समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं ने जमीन पर काम करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया. उनके अनुसार नौकरी से लेकर विकास योजनाओं तक पर एक सिंडिकेट का कब्जा हो गया था, जिससे युवाओं, किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया. इसी कारण उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक बीमारू राज्य कहा जाता रहा. आज उत्तर प्रदेश India की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है.
उन्होंने कहा कि पहले विकास के लिए धन तो उपलब्ध था, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों के कारण सड़क, पुल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य विकास परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाती थीं. गरीबों के राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बीच में ही हड़प लिया जाता था. अब Government की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है. गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है और आयुष्मान India योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. हाल ही में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी पांच लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
सीएम योगी ने कहा कि पहले गरीब बीमारी और भूख से जूझता रहता था, जबकि आज Government बिना किसी भेदभाव के उसके जीवन को सुरक्षित बनाने का काम कर रही है. Government का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उत्तर प्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाना है. पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और नौकरियां योग्यता नहीं बल्कि सिफारिश और पैसे के आधार पर मिलती थीं. आज प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी जा रही हैं जब वह नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं और इटावा का कोई नौजवान अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर चयनित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है, तो उन्हें बेहद खुशी होती है. वह युवाओं से पूछते हैं कि क्या किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी थी, जिस पर जवाब मिलता है कि नियुक्ति केवल योग्यता के आधार पर मिली है.
उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश की मेरिट सूची में इटावा के युवा भी स्थान बना रहे हैं और अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर रहे हैं, जबकि 2017 से पहले यह संभव नहीं था. Chief Minister ने कहा कि पहले भी सरकारी धन उपलब्ध था, लेकिन मंदिरों के सुंदरीकरण पर खर्च नहीं होता था. वह धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च किया जाता था. 2017 से पहले समाजवादी Government को लोगों की आस्था की चिंता नहीं थी. उस समय कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता था, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन रोके जाते थे, रामनवमी की शोभायात्राओं पर रोक लगाई जाती थी और दुर्गा पूजा के पंडालों को भी नहीं लगने दिया जाता था. पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न उपद्रव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी.
Chief Minister ने कहा कि सैफई सिंडिकेट कभी कानून व्यवस्था की ऐसी घोषणा नहीं कर सकता था क्योंकि गुंडे उन्हीं के साथ जुड़े हुए थे. उस समय लोगों में कहावत चल पड़ी थी कि “देख सपाई, बिटिया घबराई. इटावा और मैनपुरी की छवि भी प्रभावित होती थी. आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और इटावा को वही सम्मान प्राप्त है जो Lucknow और प्रयागराज जैसे शहरों को मिलता है. भाजपा Government इटावा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से 604 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है. जनता ने भाजपा पर विश्वास जताया है और Government उसी विश्वास का विकास के माध्यम से ऋण उतार रही है.
सीएम योगी ने आगे कहा कि डबल इंजन Government ने 90 करोड़ रुपए की लागत से पैरामेडिकल आवासीय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी है. ये सभी परियोजनाएं इटावा के समग्र विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. प्रदेश में पहले भी विकास कार्य हो सकते थे, लेकिन उसके लिए समय और इच्छाशक्ति की जरूरत थी. पहले जनता और विकास के लिए समय नहीं था, यही कारण था कि उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था. वर्ष 2017 से पहले नौकरी निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी सक्रिय हो जाती थी.
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विकेटी/डीकेपी
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