साबू ट्रेड, सेलम का नया ब्रांड : कुकरी जॉकी मिलेट इडली और खमण रेडी-मिक्स बाज़ार में –

सेलम/इन्दौर (Indore) . आधुनिक समय में नाश्ते के बिना दिन की शुरुआत की कल्पना करना मुश्किल है. इसी तरह दोपहर में भी ताजा और स्वास्थ्यप्रद स्नैक अब हर व्यक्ति की जरूरत बनता जा रहा है. यहाँ तक कि रात को भी अब भरपेट खाना खाने के बजाये कई परिवार बिना तला और कम गरिष्ठ खाना पसंद करते हैं. जहां एक तरफ नाश्ते में क्या बनाया जाए, होम मेकर्स इस समस्या से जूझ रहे होते हैं, वहीँ दूसरी ओर नाश्ता कितनी आसानी से कम समय में बन जाये, पौष्टिक हो, तला हुआ ना हो, इस पर भी लगातार ध्यान रहता है. इन सभी आम जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साबु ट्रेड, सेलम ने रेडी मिक्स सेगमेंट में अपने दो उत्पाद कुकरी जॉकी मिलेट खमण मिक्स और कुकरी जॉकी मिलेट इडली मिक्स को खुदरा बाज़ार में लांच किया है. इसके पहले साबु ट्रेड ने भारत भर में करीब 350 से ज्यादा परिवारों के करीब 1500 लोगों में स्वाद और गुणवत्ता का परीक्षण कर सुनिश्चित किया है कि ये उत्पाद बाज़ार में अपनी विशेष जगह बना पायेंगे.

एफएमसीजी व्यवसाय के करीब 35 वर्षों के अनुभवी गोपाल साबु, मैनेजिंग डायरेक्टर साबु ट्रेड प्रायवेट लिमिटेड ने बताया कि हमें बाज़ार के आकार और सम्भावनाओं के कारण स्नैक इंडस्ट्री हमेशा से ही आकर्षित करती रही है, जिस पर कंपनी में पिछले कुछ वर्षों से लगातार काम हो रहा था. चूँकि इनमें लगने वाले इन्ग्रेडिएन्ट हमारे द्वारा ही तैयार किये जाते हैं, इसलिए शुद्धता, गुणवत्ता और स्वाद का भरोसा करना ग्राहकों के लिये आसान होगा. रेडी मिक्स खाद्य उत्पादों को कुछ तैयारी की आवश्यकता होती है, जैसे कि उपयोग से पहले गर्म करना या भाप में पकाना आदि. उपभोक्ताओं के लिए बनाने में सुविधाजनक स्वास्थ्यवर्धक भोजन विकल्प की तलाश में रेडी-टू-कुक (आरटीसी) श्रेणियों में बहुत सारी गतिविधियाँ देखी जा रही हैं.

हमारी प्राथमिकता कि हम गृहिणियों की पसंद बने रहें : साबु
गोपाल साबु ने कहा कि व्रत उपवासों के साथ–साथ उपभोक्ताओं की सदा से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की जरूरत को साबु ट्रेड सेलम ने आगे बढ़ कर निभाया है. ना सिर्फ सच्चासाबु एगमार्क, सच्चामोती एगमार्क साबुदाना की मांग बढ़ी है, बल्कि अल्पाहार एगमार्क सेलम हल्दी पाउडर और खोपरा बूरा जैसे शुद्ध फरियाली उत्पादों ने भी ग्राहकों का विश्वास जीता है.
गोपाल साबु ने कहा कि बाज़ारों में मांग होने के बावजूद भी हमने अपने उत्पादों के दाम में कोई वृद्धि नहीं की, जिसके कारण हमारे बेहतर क्वालिटी वाले उत्पाद ज्यादा ख़रीदे जा रहे हैं, वितरकों/व्यापारियों के साथ साथ हमें गृहिणियों/उपभोक्ताओं ने भी जिसका प्रतिसाद दिया l हमारे लिये ख़ुशी की बात है कि हम लगातार अपने उत्पादों का विस्तार कर रहे हैं. होम मेकर्स के किचन में शुद्ध और प्रामाणिक गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ उनकी पहली पसंद बने रहना ही हमारा प्रथम लक्ष्य है. हमने यह निर्णय लिया है कि आगामी त्यौहारों जैसे दशहरा, दीपावली तक अपने सभी श्रेष्ठ फरियाली एवं रेडी टू ईट उत्पाद अपने वितरकों के माध्यम से अत्यन्त कम दामों में ग्राहकों को निरंतर उपलब्ध करवाते रहेंगे, जिससे सभी ग्राहकों का रूझान अच्छे उत्पादों की ओर बढ़ता रहे.

इंदौर (Indore) में प्रसंस्करण व पैकेजिंग की संभावनाएं तलाश रहा साबु ट्रेड, सेलम
साबू ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विशाल साबू ने कहा कि इंदौर (Indore) मध्य भारत का एक बड़ा व्यावसायिक हब है जहां से समूचे देश व विदेशों में माल का आसान परिवहन हो सकता है और बिक्री की दृष्टि से भी यह महत्त्वपूर्ण है. हमने एक प्रयोग के तौर पर इंदौर (Indore) में करीब ढाई वर्ष पूर्व एक छोटा पैकेजिंग प्लांट लगाया था, जिसके संतुष्टिदायक परिणाम के चलते अब हम यहाँ अपने बड़े प्रोसेसिंग आधुनिक प्लांट लगाने के लिए संसाधनों व संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं. जल्द ही, हम कुछ नतीजे पर पहुँच जायेंगे.

साबू ट्रेड के व्यवसायी लक्ष्यों के बारे में साबु ने कहा कि जहां एक ओर मांग और पूर्ति का अंतर बाज़ार में उतार चढ़ाव को बनाता है, वहीँ दूसरी ओर प्रसंस्करण लागत में बढौतरी के चलते मुनाफों पर खासा असर पड़ता है, इसके बावजूद हम अपने बनाये सेवा के लक्ष्यों को हासिल करते आये हैं. इसका पहला श्रेय हम अपने व्यावसायिक सिद्धांतों को देना चाहते हैं जिनके चलते कभी भी किसी भी परिस्थिति में समझौते करने के बजाये दृढ़ निश्चय के साथ व्यावहारिक निर्णय लिये जाते हैं. दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि हमने हमेशा से अपने वितरकों, विक्रेताओं और उपभोक्ताओं से सीधे संवाद में भरोसा किया जिसके चलते अपने उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला खडी कर पाए. हमारा विश्वास है कि नए उत्पादों को बाज़ार में उतारने का क्रम जारी रखकर हम आगे भी प्रगति की ओर अग्रसर रहेंगे.

साबु ने अपनी कंपनी के ब्रांड्स के बारे में बताया कि सच्चासाबु, सच्चामोती, चक्र, शिवज्योति, गोपाल मार्कों में साबुदाना, साबुदाना पापड़, जीरा साबूदाना पापड एवं अल्पाहार मार्के में एगमार्क हल्दी पाउडर, और हाइ फैट शुद्ध नारियल बूर्रा जैसे उत्पादों ने अपने अपने सेग्मेंट्स में उपभोक्ताओं के बीच देश भर में मजबूती से अपनी जगह बनाई हुई है और उम्मीद करते हैं कि कुकरी जॉकी ब्रांड में मिलेट्स तथा रेडी मिक्स उत्पादों को भी ग्राहकों का भरपूर स्नेह मिलेगा.
अच्छी क्वालिटी साबुदाना की बिक्री बढ़ी
गत वर्ष की तुलना में साबुदाना के भाव औसतन करीब बीस प्रतिशत कम रहने के कारण भी इस वर्ष अच्छी क्वालिटी साबुदाना की बिक्री बढ़ी है. टेपीयोका (कसावा) कंद, जिससे साबुदाना बनता है, की नई फसल आने वाली है. सेलम में स्टाक करीब तीन लाख बोरी बचा हुआ है. नवरात्रि के बाद बिक्री कम होने की संभावना है, इसलिए व्यापारी स्टॉक करने की प्रवृत्ति के बजाये बाज़ार की जरूरत के मुताबिक़ ही माल खरीद रहे हैं और यही रुझान आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखकर भी दिखाई दे रहा है.
खोपरा बूरा में मंदी की संभावना नहीं
आगामी त्योहारों को देखते हुए खोपरा बूरा की मांग बढ़ने और नारियल की फसल इस वर्ष सामान्य होने के कारण नारियल पाउडर के भावों में समान रहने की संभावना है. भाव कम होते ही निर्यात के आर्डर आ जाते हैं, अत: मंदी की संभावनाएं नहीं है.
20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं हल्दी में निर्यात मॉंग
बाजार में हल्दी की मांग जारी है और उम्मीद है कि आने वाले समय में हल्दी की मांग बाजार में बढ़ेगी. इस वर्ष फसल अच्छी है. हल्दी की निर्यात मांग करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे कीमतों को अच्छा आधार मिलेगा. भारत विश्व में सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक देश है. दुनिया में होने वाले कुल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी है. भारत में हल्दी कई जगह पर होती है पर सेलम की हल्दी में प्रचूर मात्रा में करक्युमिन (औषधीय गुण) होने की वजह से विदेशों में इसकी माँग निरंतर बढती ही जा रही हैं. निर्यात बढ़ने पर बाजार तेज हो सकते हैं.

मोरधन तथा कोदो मिलेट में मांग बढ़ी
व्रत उपवास के अलावा अब सेहत के प्रति जागरूक परिवारों में विभिन्न प्रकार से मिलेट का उपयोग बढने की वजह से मोरधन तथा कोदो मिलेट में काफी मांग बढ़ी है. माइनर पाज़ीटिव मिलेट्स के एक पूर्ण और पौष्टिक खाद्य के रूप में प्रचलन होने के साथ ही अब भगर-मोरधन, कोदो, कंगनी, झंगोरा और रागी मिलेट्स के दैनिक आहार के साथ ही अन्य विभिन्न रूपों में उपयोग जैसे बिस्कुट, ब्रेड, सेंवई इत्यादि के चलते माँग बदस्तूर बढती ही जा रही है. मिलेट्स की फसल से किसानों को भी बंजर जमीनों में वैकल्पिक खाद्यान्न को उपजाने का सुनहरा मौका मिल रहा है. इस वर्ष फसल अच्छी है, अत: त्यौहारों की विशेष मांग पूरी होने के बाद भावों में कुछ नरमी आ सकती है.

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