तेलंगाना में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आरटीसी बस सेवाएं ठप

हैदराबाद, 22 अप्रैल . तेलंगाना में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं Wednesday को पूरी तरह से ठप हो गईं, क्योंकि तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.

राज्य Government के साथ बातचीत विफल होने के बाद कर्मचारी संघों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) द्वारा हड़ताल पर जाने के फैसले के चलते आधी रात से ही राज्य भर में टीजीएसआरटीसी की बसें सड़कों से गायब हो गईं.

आरटीसी की बसें सभी 90 डिपो तक ही सीमित रहने के कारण, राजधानी हैदराबाद सहित पूरे राज्य में यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेते देखा गया.

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और Government से अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को हल करने की मांग की. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए Police ने डिपो पर सुरक्षा बढ़ा दी.

कुछ स्थानों पर टीजीएसआरटीसी संविदा कर्मचारियों की मदद से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रही थी.

टीजीएसआरटीसी लगभग 9,500 बसें संचालित करती है, जिनमें 2,500 किराए की बसें और 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. राज्य भर में प्रतिदिन लगभग 25 लाख लोग आरटीसी बसों से यात्रा करते हैं.

हैदराबाद स्थित महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस), जो राज्य का सबसे बड़ा बस स्टैंड है, सुनसान नजर आ रहा था. सिकंदराबाद स्थित जुबली बस स्टेशन (जेबीएस) और राज्य की राजधानी तथा अन्य सभी जिलों के बस स्टेशनों पर भी ऐसी ही स्थिति थी.

टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि Government चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ यूनियनें कर्मचारियों को गुमराह कर रही हैं. प्रबंध निदेशक ने कहा कि Government ने मांगों पर विचार करने के लिए आईएएस अधिकारियों की एक समिति गठित की है.

Tuesday रात जेएसी और समिति के बीच हुई बातचीत गतिरोध को हल करने में विफल रही.

समिति ने मांगों के समाधान के लिए चार सप्ताह का समय मांगा. जेएसी नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें नई नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी 32 मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे.

जेएसी के अध्यक्ष ईदुरु वैकन्ना ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सभी यूनियनों ने हड़ताल के आह्वान को अपना समर्थन दिया है.

टीजीएसआरटीसी का Government में विलय जेएसी की मुख्य मांग है. आरटीसी जेएसी के अध्यक्ष ने दावा किया कि Government ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इस मुद्दे को स्पष्ट रूप से शामिल करने के बावजूद इसे नजरअंदाज कर दिया है.

उन्होंने कहा कि Government ने एक समिति का गठन करके मामले को टालने की रणनीति अपनाई है. उन्होंने याद दिलाया कि जेएसी ने 41 दिन पहले हड़ताल का नोटिस दिया था.

वेंकन्ना ने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के बहाने हैदराबाद डिपो में तैनात कर्मचारियों को जिलों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है.

डीकेपी/