पति को जेल से निकलाने के लिए पत्नी से ठगे 350 करोड़ रुपए

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद रेलिगेयर के प्रमोटर रहे मालविंदर और शिविंदर सिंह की पत्नियों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक ठगी करने वालों ने उनके पतियों को जेल से निकालने के नाम पर करोड़ों रुपये ठग लिये है. मालविंदर की पत्नी जापना सिंह ने दिल्ली पुलिस (Police) में शिकायत की है कि ठगों ने उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की है. उन्होंने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर जापना को जमानत पर जेल से बाहर निकालने में मदद की पेशकश की.इसके पहले खबर आई थी कि शिविंदर की पत्नी अदिति सिंह को सुकेश चंद्रशेखर नाम के ठग ने करोड़ों रुपये का चूना लगाया है. दिल्ली पुलिस (Police) की आर्थिक अपराध शाखा सिंह बंधुओं की शिकायत पर दो अलग-अलग एफआईआर (First Information Report) दर्ज की हैं. सिंह बंधु अक्टूबर 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं. इन दोनों को रेलिगेयर फिनवेस्ट और इसकी पेरेंट कंपनी रेलिगेयर एंटरप्राइज में 2397 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जापना की शिकायत पर दर्ज एफआईआर (First Information Report) के मुताबिक ठगी करने वालों ने उन्हें हांगकांग की कंपनी को पेमेंट करने को कहा. उन्होंने कहा कि यह अकाउंट रूलिंग पार्टी से संबंधित है.

कृष्ण कुमार नाम के आरोपी ने जापना से आरएससी होल्डिंग प्रायवेट लिमिटेड और दूसरी कंपनियों के लंबित इनकम टैक्स से जुड़ी लिस्ट ली और सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में चल रहे मालविंदर के केस से जुड़ी जानकारी ली. एफआईआर (First Information Report) के मुताबिक ठगों ने सिंह बंधुओं की पत्नियों से सीधे पर मुलाकात नहीं की. जापना ने दावा किया कि उन्होंने 28, 29, 30 जुलाई और 6 अगस्त को हांगकांग के अकाउंट में 3.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने दिल्ली पुलिस (Police) को पेमेंट का सबूत भी दिया है. जापना ने अपनी शिकायत में कहा है कि मालविंदर सिंह से जेल में एक मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने पति को बताया था कि कुछ उच्च पदाधिकारियों ने उनसे भाजपा के फंड में पैसा जमा करने की मांग की है. हालांकि उन्होंने मालविंदर के साथ खास जानकारी साझा नहीं करने का फैसला किया था ताकि उनके पति की मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर न पड़े.

जापना ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें 7 अगस्त को लैंडलाइन नंबर से फोन आया था जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनके पति की सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. इसके बाद उन्होंने दो आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वे नहीं मिले. उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर और उसके साथियों के बारे में खबर पढ़ी थी जिन्होंने सरकारी अधिकारी बनकर अदिति सिंह को करीब 200 करोड़ रुपये का चूना लगाया था. तब उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उनके साथ भी धोखा हुआ है. जापना ने आरोप लगाया है कि एक आरोपी ने उन्हें 350 लाख रुपये एक सरकारी फंड में ट्रांसफर करने को कहा था.

दिल्ली पुलिस (Police) की आर्थिक अपराध शाखा के एडिशनल कमिश्नर आरके सिंह ने पिछले हफ्ते आधिकारिक बयान में कहा था कि अदिति सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि जून 2020 में उन्हें मोबाइल पर एक कॉल आई थी. फोन करने वाले ने खुद को कानून मंत्रालय का सीनियर अधिकारी बताकर उनके पति को जमानत दिलाने में मदद करने की पेशकश की. इस बारे में अदिति और जापना सिंह की लीगल टीम्स ने एफआईआर (First Information Report) की पुष्टि की लेकिन इस मुद्दे पर कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने सिंह फैमिली को विश्वास में लेने के लिए यह चाल चली.

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