
New Delhi, 13 जून . आर.पी. सिंह ने पश्चिम बंगाल के अलीपुर में एक सरकारी इमारत में आग लगने और कथित तौर पर लगभग 4,000 ईवीएम मशीनों के जलने को लेकर कहा कि इसे Political रंग नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “कहीं भी दुर्घटना हो सकती है और यह एक दुर्घटना है. इसकी जांच चल रही है. लेकिन इसे लेकर अनावश्यक रूप से Political माहौल बनाना ठीक नहीं है. आग किसी भी कारण से लग सकती है, संभव है कि शॉर्ट सर्किट हुआ हो. इस घटना में सिर्फ ईवीएम ही नहीं बल्कि कई अन्य दस्तावेज भी जल गए हैं.”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है और इस तरह की घटनाओं को Political मुद्दा बनाना गलत है.
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पर बुलडोजर कार्रवाई के आदेश को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं की गई है. उन्होंने कहा, “अगर कोई भवन अवैध रूप से बना है और नियमों के अनुरूप नहीं है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है. यह बदले की कार्रवाई नहीं है. इसके अलावा, आरजी कर मामले में जो दोषी लोग थे, उन्हें बचाने की कोशिश भी की गई थी, इसलिए जांच और कार्रवाई जरूरी थी.”
सिंधु जल विवाद और Pakistan को लेकर दिए गए बयानों पर आर.पी. सिंह ने कहा कि India Government की नीति स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ने यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद और जल संसाधन साथ-साथ नहीं चल सकते.
उन्होंने कहा, “India की स्टेटेड पॉलिसी है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी. जब तक Pakistan आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक उसे कोई विशेष लाभ नहीं दिया जाएगा.” उन्होंने यह भी कहा कि सिंधु जल समझौते को लेकर India का रुख बेहद सख्त है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
राहुल गांधी के प्रस्तावित देशव्यापी अभियान, जिसमें पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाने की बात कही गई है, पर प्रतिक्रिया देते हुए आर.पी. सिंह ने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीति करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें Government की उपलब्धियों को भी समझना चाहिए.
उन्होंने कहा, “विपक्ष को अपने अभियान चलाने का अधिकार है, लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि केंद्र Government की योजनाओं के तहत करोड़ों लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं. मुद्रा योजना के तहत 57 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है और हर साल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं.”
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पीआईएम/डीकेपी
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