
Lucknow, 17 अगस्त . उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक और पारदर्शिता के जरिए हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Monday को कहा कि पहले राशन शासन स्तर से नहीं पहुंचता था. ई-पॉस मशीन, सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी और सीधे दुकानों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था ने न केवल पारदर्शिता बढ़ाई है, बल्कि उचित दर विक्रेताओं (कोटेदार) का सम्मान भी बढ़ाया है.
Chief Minister ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश की व्यवस्था और उचित दर विक्रेताओं के प्रति लोगों की धारणा बदलने के लिए 2017 में ई-पॉस मशीन लगाने की शुरुआत की गई.
इसके बाद एफसीआई के गोदाम से सीधे कोटे की दुकान तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू की गई, जिससे बीच के बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में जो बदलाव दिखाई दे रहा है, उसे नकारात्मकता में बदलने का प्रयास वे लोग कर रहे हैं, जो अपने कार्यकाल में ये बदलाव नहीं ला पाए. उन्होंने कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता आने के बाद उचित दर विक्रेताओं को मिलने वाला कमीशन भी बढ़ा और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार हुआ.
Chief Minister ने पुराने राशन वितरण तंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर शासन की ओर से राशन नहीं भेजा जाता था तो इसमें उचित दर विक्रेता की कोई गलती नहीं होती थी. बावजूद इसके, गलती किसी और की होने पर भी गाली उचित दर विक्रेता को खानी पड़ती थी और बदनामी भी उसी के हिस्से आती थी. उन्होंने कहा कि उस समय उचित दर विक्रेताओं के सामने अपनी पहचान और सम्मान का संकट था.
उन्होंने कहा कि Government ने तकनीक के इस्तेमाल से राशन वितरण में जवाबदेही तय की है. अब ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली के जरिए उचित दर विक्रेताओं की समस्याओं और सुझावों को सीधे व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा.
Chief Minister ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के निर्देश पर उचित दर की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए प्रदेश Government ने 500 करोड़ का प्रावधान किया है. इन भवनों में केवल राशन वितरण की सुविधा नहीं होगी, बल्कि भंडारण की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी. उन्होंने कहा कि Government का उद्देश्य उचित दर की दुकानों को केवल राशन बांटने का केंद्र बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधायुक्त और सम्मानजनक स्वरूप देना है.
Chief Minister ने पिछली Governmentों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में गरीबों को राशन मिलने की व्यवस्था बेहद खराब थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गरीबों के राशन कार्ड प्रभावशाली लोगों के पास रहते थे और पात्र व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित रह जाते थे. उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है. योगी ने कहा कि Prime Minister गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोग निशुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं.निराश्रित और दिव्यांगजनों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन और 1.53 करोड़ परिवारों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए हैं. Chief Minister ने राशन व्यवस्था के साथ बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद में भी पहले ऐसी ही अव्यवस्था थी. कई स्कूलों में भवन और पर्याप्त शिक्षक नहीं थे. कहीं शिक्षक थे तो विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी और बड़ी संख्या में बच्चे सत्र पूरा होने से पहले ही स्कूल छोड़ देते थे. स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए उनका वीडियो बनाया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि केवल कागजों में व्यवस्था बेहतर होने का दावा पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूलों में जाकर वास्तविक स्थिति देखी जानी चाहिए. Chief Minister ने कहा कि Government ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया. स्कूलों में बेहतर फर्श, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और फर्नीचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 1.60 करोड़ बच्चों को स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, स्वेटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. Chief Minister ने सवाल उठाया कि 2017 से पहले प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति क्या थी और आज उनमें कितना बदलाव आया है.
Chief Minister ने कहा कि किसी राज्य की प्रगति केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों से तय होती है. उन्होंने कहा कि जब Government व्यवस्था में पारदर्शिता लाती है और गरीब, किसान, महिला तथा वंचित वर्ग को योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है, तभी वास्तविक परिवर्तन दिखाई देता है.
उन्होंने कहा कि पहले जब व्यवस्था में ही लूट और बिचौलियों का बोलबाला हो तो परिवर्तन की उम्मीद नहीं की जा सकती. आज तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के जरिए Government ने ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की हैं, जिनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है.
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विकेटी/
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