बिहार में 17 महीनों तक चली महागठबंधन की सरकार में मिली सरकारी नौकरियों को भुनाने में जुटी राजद – indias.news

पटना, 5 फरवरी . बिहार में जदयू के फिर से एनडीए में शामिल होने के बाद राजद भले सरकार से बाहर हो गई हो, लेकिन, राजद के नेता तेजस्वी यादव इतनी जल्दी हार नहीं मानने वाले हैं. राजद पिछले 17 महीनों तक चली महागठबंधन की सरकार में मिली सरकारी नौकरियों को अब भुनाने की तैयारी में है. राजद द्वारा पटना की सड़कों पर इससे संबंधित कई तरह के न केवल पोस्टर लगाए जा रहे हैं, बल्कि, राजद अपने सोशल मीडिया हैंडल से भी इन कार्यों का श्रेय तेजस्वी यादव को देकर इसे प्रचारित कर रहा है.

राजद ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “जब मार्ग सुनियोजित हो, दिशा तय हो तब परिणाम भी वांछित ही मिलते हैं. अब तक उपेक्षित रहे विभागों को मात्र 17 महीनों में सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तेजस्वी यादव को साधुवाद! बिहार की जनता भर रही हुंकार, अब बिहार में चाहिए बस तेजस्वी सरकार.”

पटना की सड़कों पर पोस्टर लगाकर आईटी, पर्यटन और खेल पॉलिसी लाने के लिए तेजस्वी को धन्यवाद दिया जा रहा है. इसके अलावा लगे पोस्टरों के जरिए लाखों बहाली और नौकरियां प्रक्रियाधीन के लिए भी तेजस्वी को धन्यवाद दिया गया है. कई पोस्टरों की तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए राजद ने लिखा, “लाखों बहाली एवं नौकरियां प्रक्रियाधीन करने के लिए, धन्यवाद तेजस्वी यादव जी. तेजस्वी जी द्वारा सारी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद अब सरकार शिक्षक बहाली का तीसरा और चौथा चरण यथाशीघ्र शुरू करे. आपने कहा, आपने किया, आप ही करेंगे. बिहार की ललकार, अब चाहिए बस तेजस्वी सरकार.”

राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि इसमें बुराई क्या है. प्रदेश में जो कार्य 17 साल में नहीं हुए, वह 17 महीने में हुए. राजद सत्ता में आई और बहाली की रफ्तार तेज की. कई तरह की पॉलिसियां लाई गई.

जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन कहते हैं कि बिहार में सात निश्चय के तहत लाखों लोगों को नौकरियां दी गयी हैं. नौकरियों का झूठा सेहरा लेना राजद को बंद करना चाहिए. नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को वे लोग अपना बता रहे हैं. सभी लोग इस बात को जानते हैं कि 2020 में नीतीश कुमार ने 10 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख रोजगार की बात कही थी.

एमएनपी/एबीएम