
चंडीगढ़, 11 जुलाई . पूर्व Chief Minister चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी पंजाब कांग्रेस गुट और पार्टी के महासचिव भूपेश बघेल के बीच Saturday को बहुप्रतीक्षित बैठक हुई.
बैठक के बाद सांसद सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि कभी-कभी पार्टी को कुछ फैसले पलटने पड़ते हैं… हमें समझौतावादी नेताओं की जरूरत नहीं है.
90 से अधिक नेताओं वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने राज्य इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मांग की है.
प्रतिद्वंद्वियों ने वड़िंग द्वारा पार्टी नेतृत्व में फूट डालने के विशिष्ट उदाहरण दिए. रंधावा ने यहां मीडिया से साफ शब्दों में कहा कि हमें ऐसे नेताओं की भी जरूरत है जो निडर और निर्णायक रूप से बोलते हों.
मीडिया के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए पार्टी के प्रदेश प्रभारी बघेल ने कहा कि हां, मैं सहमत हूं कि समझौता करने वाला कोई भी नेता काम नहीं करेगा. अगर भाजपा किसी नेता से समझौता करेगी, तो पार्टी काम नहीं करेगी. यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ऐसा होने नहीं दूंगा.
इसी बीच, चंडीगढ़ में पांच दिन बिताने के बाद दिल्ली लौटे बघेल ने कहा कि उन्होंने अपने सभी सहयोगियों से मुलाकात की और उनसे बात की. उन्होंने अपने विचार साझा किए और वह उन सभी को पार्टी हाई कमांड तक पहुंचाएंगे.
छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister ने कहा कि सभी इस बात से सहमत हैं कि पार्टी को हाई कमांड के फैसले का पालन करना चाहिए और इस पर कोई आपत्ति नहीं है. सभी एकजुट हैं. हमारे सहयोगियों ने कुछ मुद्दे उठाए थे. मैंने उन सभी को आश्वासन दिया कि प्रभारी महासचिव के रूप में मैं सभी के हितों की रक्षा करूंगा.
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई योग्य और जीतने योग्य उम्मीदवार है, तो उसे निश्चित रूप से टिकट दिया जाएगा. मैंने उन्हें यह आश्वासन दिया है. हमारे सहयोगियों ने कुछ चिंताएं जताई हैं और मैं उन सभी को पार्टी हाई कमांड तक पहुंचाऊंगा.
आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में चन्नी के Chief Minister पद के उम्मीदवार होने की खबरों पर उन्होंने जवाब दिया, “यह झूठ है. ऐसी कोई बात नहीं हुई है. हम तो बस यही चाहते हैं कि कांग्रेस Government बनाए.
बघेल ने यह भी स्पष्ट किया कि राजा वारिंग के प्रतिस्थापन पर कोई चर्चा नहीं हुई.
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एमएस/
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