
कोलकाता, 21 जून . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित और निलंबित प्रवक्ता रिजु दत्ता ने पार्टी फंड विवाद, वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी, योग दिवस और हाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Political मतभेदों के बावजूद अच्छे कार्यों की सराहना की जानी चाहिए और पार्टी फंड से जुड़े विवादों का समाधान केवल अदालत के माध्यम से ही संभव है.
रिजु दत्ता ने हाल ही में गंगा नदी के किनारे आयोजित लेजर शो और ड्रोन डिस्प्ले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं इस कार्यक्रम को देखा और यह बेहद आकर्षक था. उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने का मतलब हर पहल का विरोध करना नहीं होता. उन्होंने कहा कि मैंने खुद गंगा घाट पर यह कार्यक्रम देखा. एक तरफ ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज था, दूसरी तरफ गंगा का किनारा और आसमान में ड्रोन के माध्यम से देवी दुर्गा की आकृति उभर रही थी. यह दृश्य बेहद शानदार था. अच्छी चीज को अच्छा कहने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जो केवल Political कारणों से ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों का विरोध करते हैं. उनका कहना था कि कला, संस्कृति और तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत ऐसे कार्यक्रमों को Political चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.
टीएमसी के बैंक खातों और पार्टी फंड को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजु दत्ता ने कहा कि इस मामले में विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी.
उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायकों के एक समूह द्वारा साइबर थाने को पत्र भेजे जाने के बाद वह पत्र एचडीएफसी बैंक तक पहुंचा, जिसके चलते पार्टी के तीन बैंक खातों में मौजूद लगभग 440 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज कर दी गई. अब यदि इन खातों को दोबारा संचालित करना है तो कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी.
दत्ता ने कहा कि कुछ नेता खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में विधायक उनके साथ हैं. हालांकि इन दावों की वास्तविकता का निर्धारण अदालत में ही होगा. उन्होंने कहा कि चाहे कुणाल घोष हों या रिताब्रता बनर्जी, सभी अपनी-अपनी बातें रख सकते हैं, लेकिन कानूनी तौर पर फैसला अदालत के हाथ में है.
रिजु दत्ता ने कुणाल घोष द्वारा वरिष्ठ नेताओं को दी जा रही सलाह पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कुणाल घोष ममता बनर्जी के पक्ष में मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक रूप से सलाह देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि काकोली घोष चार बार की Lok Sabha सांसद हैं और यह पूरी तरह उन पर निर्भर करता है कि वे किसी की सलाह को स्वीकार करें या नहीं. कुणाल घोष को अपनी Political लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और वरिष्ठ नेताओं को उपदेश देने से बचना चाहिए.
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और योग को बढ़ावा देने के प्रयासों पर बोलते हुए रिजु दत्ता ने कहा कि योग India की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि योग शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है तथा स्वामी विवेकानंद योग और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के सबसे बड़े प्रचारकों में से एक रहे हैं. दत्ता ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने का कार्य कर रहे हैं और इस प्रयास की सराहना की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि योग को लेकर यदि किसी के मन में गलतफहमियां हैं तो उन्हें दूर किया जाना चाहिए. Prime Minister ने योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जो सराहनीय है. मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को योग अपनाना चाहिए क्योंकि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है.
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