मुंबई की लोकल ट्रेन में गुजरे मेरे संघर्ष के दिन : रिद्धि डोगरा

Mumbai , 1 जुलाई . रिद्धि डोगरा उन अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्हें सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है. उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में काम किया. अच्छी एक्टिंग की वजह से उन्हें शाहरुख खान जैसे बिग स्टार के साथ काम करने का मौका मिला. Actress की खास बात यह है कि वह आज सफल हैं. लेकिन, उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद रखा है.

Actress ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए भीड़-भाड़ वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने के दिनों को याद किया. उन्होंने उन मुश्किलों का जिक्र किया, जिनका उन्होंने सामना किया और उस दृढ़ संकल्प के बारे में बताया, जिसने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनके रास्ते को आकार दिया.

रिद्धि ने लिखा कि मुझे हमेशा से जुलाई का महीना पसंद रहा है. इन तस्वीरों ने जुलाई के पुराने दिनों की यादें ताजा कर दीं. जुलाई 2005 में मेरी Mumbai की कहानी शुरू हुई थी. कॉलेज से नई-नई निकली थी और बड़ी दुनिया में पढ़ने, घूमने-फिरने, जीने और सीखने के लिए उत्सुक थी. इसीलिए, मैंने Mumbai को चुना. यह एक ऐसा शहर है, जो अनजाने में मुझे लंबे समय से बुला रहा था. मुझे इस शहर की हलचल भरी जिंदगी और आकर्षण में सुकून मिलता है.

रिद्धि डोगरा ने लिखा कि लोकल ट्रेनें मेरी सबसे पसंदीदा जगह बन गई थीं. 2005 से 2007 के बीच मैं एक ही दिन में कई तरह के वाहनों से सफर करती थी. पहले कॉलेज जाती, फिर अपनी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की नौकरी पर जाती. मैं पूरा समय ट्रेन की खिड़की से बाहर देखते हुए और अपने भविष्य के सपनों के बारे में सोचते हुए मुस्कुराती रहती थी. मुझे पूरा यकीन था कि मेरा भविष्य बहुत शानदार होने वाला है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि मैं अपनी किस्मत की खुद मालिक थी. आज जिसे हम विजुअलाइजेशन और मैनिफेस्टेशन कहते हैं, वह मैं उन दिनों रोज करती थी. लोग उसे ‘दिन में सपना देखना’ कहते थे. इस दौरान एक गाना मेरे आईपॉड पर सबसे ज्यादा चलता था.

रिद्धि डोगरा को असुर में नुसरत, ऑल्ट बालाजी की द मैरिड वुमन में आस्था, स्टार प्लस की मर्यादा: लेकिन कब तक? में प्रिया और वो अपना सा में निशा का किरदार निभाने के लिए पहचान मिली.

वह नच बलिए 6 और फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 6 जैसे लोकप्रिय रियलिटी शो में भी नजर आ चुकी हैं.

रिद्धि डोगरा द साबरमती रिपोर्ट, लकड़बग्घा, और जवान जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं.

डीकेएम/एबीएम