
नई दिल्ली, 17 जुलाई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने Prime Minister Narendra Modi के बयानों, वंदे मातरम बिल और एसआईआर पर Supreme Court की टिप्पणी जैसे कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी.
पीएम मोदी ने Haryana के जींद में जनसभा को संबोधित करते हुए अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि जंग की वजह से होर्मुज से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो रही है. अगर साल 2014 से पहले ये स्थिति होती तो शायद आज रेलवे का संचालन ठप हो जाता.
इस पर भाजपा नेता ने कहा कि साल 2014 से पहले की Government के काम करने का दृष्टिकोण व्यापक नहीं था. देश में मोदी Government बनने और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बनने के बाद कई बड़े बदलाव हुए हैं. Prime Minister मोदी ने वैश्विक संकट के दौरान भी जनता के लिए पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की किल्लत नहीं होने दी.
एसआईआर पर Supreme Court की टिप्पणी पर BJP MP योगेंद्र चंदोलिया ने से बातचीत के दौरान कहा, “यह सच है कि चुनाव आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि India का नागरिक कौन है. इसके लिए अलग-अलग पैमाने हैं. हालांकि, केवल भारतीय नागरिक ही वोटर के तौर पर रजिस्टर हो सकता है. मुझे नहीं पता कि Supreme Court ने किस संदर्भ में यह टिप्पणी की, लेकिन चुनाव आयोग कोई नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है. मैं इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन, चुनाव आयोग के पास निश्चित रूप से किसी को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार नहीं है. नागरिकता Government द्वारा तय किए गए पैमानों के आधार पर दी जाती है.”
वंदे मातरम गाने का अपमान करने या उसमें बाधा डालने पर सजा के प्रावधान पर BJP MP योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “कई राज्यों ने इसे पहले ही लागू कर दिया है. देश में कई लोग हैं, जिनमें कई Political दलों के सदस्य भी शामिल हैं, जो या तो वंदे मातरम नहीं गाते हैं, या अगर गाते भी हैं तो चुपचाप मुंह बंद करके खड़े रहते हैं. एक तरह से वे वंदे मातरम का विरोध करते हैं. इसीलिए कहा जाता है कि अगर आप India में रहना चाहते हैं, तो आपको वंदे मातरम कहना ही होगा. ये कौन लोग हैं जो वंदे मातरम नहीं गाते? ये तुष्टिकरण की राजनीति में लगे लोग हैं, जो एक खास धार्मिक समुदाय से जुड़े हैं. वंदे मातरम गाया ही जाना चाहिए.”
एक अन्य सवाल के जवाब में BJP MP योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के शासन काल में उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है. वहीं, Samajwadi Party के काल में कानून व्यवस्था चरमरा गई थी. वहीं जनता को कांग्रेस का सीएम किस साल बना था, यह तक याद नहीं होगा. अगर पहले की बात करें तो उत्तर प्रदेश के दम पर कांग्रेस सत्ता में आती थी. अगर Samajwadi Party और कांग्रेस गठबंधन करेंगी तो जनता में आक्रोश व्याप्त होना तय है.
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एएसएच/एबीएम
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