
New Delhi, 29 जून . Prime Minister Narendra Modi ने Monday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत सुभाषित शेयर किया.
Prime Minister मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है. इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है.”
पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक, “देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः. स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥” साझा किया.
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और सामाजिक नियमों को समझने वाले व्यक्ति में उचित-अनुचित का विवेक विकसित हो जाता है. ऐसा व्यक्ति जहां भी जाता है, वहां सम्मान प्राप्त करता है और श्रेष्ठजनों के बीच अपना प्रभाव स्थापित करता है.
इससे पहले 26 जून को Prime Minister ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सुभाषित शेयर किया था. उन्होंने संस्कृत श्लोक “सङ्गच्छध्वं संवदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्. देवा भागं यथा पूर्वे, सञ्जानाना उपासते॥” साझा किया था. इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि हम सब साथ मिलकर चलें, एक सुर में बोलें और हमारे मन व विचार एक हों. जिस प्रकार प्राचीनकाल में देवता एकमत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते थे, ठीक उसी तरह हमें भी हमेशा एकता और सौहार्द के साथ कार्य करना चाहिए.
पीएम मोदी की ओर से बीते दिन Thursday को संस्कृत सुभाषित शेयर कर लिखा गया था, “संविधान हत्या दिवस आज हमें उस काले दौर की याद दिला रहा है, जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह से कुचला गया था. यह हमें लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने को प्रेरित करता है. आपातकाल का विरोध करने वाली सभी विभूतियों को सादर नमन.”
Prime Minister की ओर से एक श्लोक “स्वातन्त्र्यात् सुखमाप्नोति स्वातन्त्र्याल्लभते परम्. स्वातन्त्र्यान्निर्वृत्तिं गच्छेत् स्वातन्त्र्यात् परमं पदम्.” साझा किया गया था.
जिसका हिंदी अर्थ है कि स्वतंत्रता से ही मनुष्य सुख प्राप्त करता है, स्वतंत्रता से ही सर्वोच्च उपलब्धि पाता है, स्वतंत्रता से ही वह शांत अवस्था को प्राप्त होता है और स्वतंत्रता के माध्यम से ही वह परम पद को प्राप्त करता है.
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एसडी/पीएम
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