अमेरिका में अदाणी ग्रुप के मामले के सुलझने से भारत को न्यूक्लियर एनर्जी में आगे बढ़ने में मिलेगी मदद : यूएस बिजनेस लीडर

वाशिंगटन, 21 मई . अमेरिका में अदाणी ग्रुप का मामला सुलझने से न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में India को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. यह बयान दिग्गज अमेरिकी इंडस्ट्री लीडर डॉ क्रिस सिंह ने दिया. साथ ही कहा, समूह देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा योगदान देने के लिए तैयार है.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए अमेरिकी कंपनी होल्टेक इंटरनेशनल के सीईओ और संस्थापक सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि मामला सुलझ गया है. इस कारण अब अदाणी समूह उस न्यूक्लियर प्रोग्राम में भाग ले सकता है जो अभी-अभी शुरू हुआ था.”

सिंह ने अदाणी को “एक शानदार व्यापारिक समूह” और “India का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक घराना” बताया.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वे न्यूक्लियर प्रोग्राम में बहुत बड़ा योगदान देंगे, जिस तरह से वे काम करते हैं, वह बिल्कुल उनके अनुरूप है. उन्होंने बंदरगाह बनाए हैं. उन्होंने काफी बड़ी अवसंरचना परियोजनाएं बनाई हैं.”

होलटेक प्रमुख ने कहा कि India की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए सौर और पवन ऊर्जा के अलावा एक स्थिर और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत की आवश्यकता है.

सिंह ने कहा, “किसी भी देश के गहन औद्योगीकरण के लिए परमाणु ऊर्जा एक अनिवार्य घटक है.”

India द्वारा सौर ऊर्जा में किए गए निवेश की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि केवल नवीकरणीय प्रणालियां ही स्थिर आधार-भार बिजली प्रदान नहीं कर सकतीं.

उन्होंने को बताया,“सौर ऊर्जा के साथ समस्या यह है कि इसकी बैटरियों का जीवनकाल बहुत कम होता है. इनमें आग लगने का खतरा रहता है.”

उन्होंने उन देशों द्वारा सामना की जाने वाली ग्रिड अस्थिरता की चुनौतियों की ओर भी इशारा किया जो अनिश्चित नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भर हैं.

सिंह ने कहा,“न्यूक्लियर एनर्जी आधार भार प्रदान करती है. भार स्थिर रहता है. 24×7, आपके पास एक आधार भार होता है. इसलिए न्यूक्लियर एनर्जी जरूरी है.”

सिंह ने India में लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के विकास का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि देश को बिजली उत्पादन के विकेंद्रीकरण के लिए इन्हें जिलों में व्यापक रूप से तैनात करना चाहिए.

सिंह के अनुसार, स्थानीय स्तर पर स्थापित एसएमआर विशाल पारेषण ग्रिड और महंगी उच्च-वोल्टेज अवसंरचना पर निर्भरता को कम करेंगे.

उन्होंने कहा, “आपको गीगावाट ऊर्जा ले जाने वाली बड़ी, विशाल उच्च-वोल्टेज लाइनों की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे बहुत महंगी हो जाती हैं.”

सिंह ने कहा कि होल्टेक पहले से ही अपने India संचालन के माध्यम से भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है.

उन्होंने कहा, “हम Government से बातचीत कर रहे हैं,” और बताया कि उनकी कंपनी का India स्थित नेतृत्व इस सप्ताह अधिकारियों से मिलने वाला है.

उन्होंने कहा कि India को परमाणु क्षेत्र में विदेशी निवेश के प्रति अधिक खुलापन अपनाना चाहिए.

सिंह ने कहा, “देश को ऐसी स्थिति में पहुंचना होगा जहां अगर कोई देश, जैसे कि रूस, यहां आकर रिएक्टर बनाना चाहता है, तो उसे ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए.”

मूल रूप से बिहार के रहने वाले सिंह ने 1986 में होल्टेक इंटरनेशनल की स्थापना की थी, जो अब कई देशों में कार्यरत एक वैश्विक परमाणु और स्वच्छ ऊर्जा कंपनी के रूप में उभरी है.

एबीएस/