टीएमसी सांसद प्रकाश चिक का इस्तीफा आदिवासी समाज की बदलती सोच का संकेत: बाबूलाल मरांडी

रांची, 11 जून . Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल से टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे को आदिवासी समाज की बदलती Political सोच का संकेत बताया है.

उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि आदिवासी समाज अब तुष्टिकरण और परिवारवादी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और विकास की राजनीति के साथ खड़ा हो रहा है.

बाबूलाल मरांडी ने Thursday को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रकाश चिक बराइक ने अपने इस्तीफे के साथ स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल की जनता का जनादेश भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है. उनके अनुसार, यह केवल एक सांसद का इस्तीफा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के भीतर भाजपा के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक है.

भाजपा नेता ने कहा कि Jharkhand का आदिवासी समाज भी यह देख रहा है कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर भाजपा ही वास्तविक संघर्ष कर रही है. उन्होंने दावा किया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में आदिवासी समाज को पहली बार व्यापक सम्मान और पर्याप्त Political प्रतिनिधित्व मिला है.

बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लगातार हो रहे इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि जनता का भरोसा उससे उठता जा रहा है. उनके अनुसार, यह Political बदलाव आने वाले समय में पूर्वी India की राजनीति को नई दिशा देगा.

उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज की बढ़ती Political भागीदारी और भाजपा के प्रति उसका समर्थन क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बनेगा. आने वाले वर्षों में पूर्वी India की राजनीति में आदिवासी शक्ति भाजपा के साथ मिलकर नई दिशा तय करेगी.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद Political हलकों में विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. भाजपा इसे अपने पक्ष में सकारात्मक Political संकेत के रूप में प्रस्तुत कर रही है.

एसएनसी/एसके