कराची, 31 मार्च . पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हाल ही में हुए आत्मघाती हमले ने देश में काम कर रहे चीनी नागरिकों के आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया है.

पाकिस्तान के एक सुरक्षा विश्लेषक का कहना है कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कुछ लोग सुरक्षा चिंताओं के कारण देश छोड़ने पर विचार कर रहे हैं.

हालांकि, पाकिस्तान की सरकार ने अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का बार-बार वादा किया है, लेकिन विश्लेषक ने कहा कि हालिया घटना ने विश्वास को जड़ से हिला दिया है.

डॉन में पाकिस्तानी सुरक्षा विश्लेषक मुहम्मद अमीर राणा लिखते हैं, चीनी सोशल मीडिया में इस पर काफी चर्चा हो रही है. लोग पाकिस्तान में रह रहे चीन के नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सख्त सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं.

खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी घटना के बाद चीनी कंपनियों ने कम से कम तीन महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं पर काम बंद कर दिया है: दासू बांध, डायमर-बाशा बांध और तारबेला 5वां एक्सटेंशन बांध.

पाकिस्तान सुरक्षा विश्लेषक ने कहा कि क्षेत्र के कुछ निवासी शिनजियांग में उइघुर समुदाय के प्रति सहानुभूति रखते हैं, और कुछ लोग अपने देश में विदेशियों की मौजूदगी को नापसंद करते हैं. इलाके में चीनी नागरिकों के बारे में बहुत अच्छी धारणा नहीं है.

इसका एक उदाहरण पिछले साल दासू बांध स्थल पर एक चीनी अधिकारी के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप में देखा गया. उन्होंने कहा कि इस घटना ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तनाव कभी भी भड़क सकता है.

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