राम मंदिर ट्रस्ट बैठक से पहले धार्मिक अनुष्ठान, चंपत राय की पुनर्नियुक्ति के लिए संतों ने की प्रार्थना

अयोध्या, 22 जुलाई . श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की Wednesday को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले अयोध्या में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान आयोजित किया गया. इस दौरान संतों ने भगवान हनुमान की आराधना करते हुए ट्रस्ट में चंपत राय की दोबारा नियुक्ति की कामना की. साथ ही उन्होंने ट्रस्ट में अयोध्या की रामानंदी वैष्णव परंपरा के संतों को प्रतिनिधित्व देने की भी मांग उठाई.

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने से कहा कि ट्रस्ट की बैठक से पहले हनुमान जी के महामंत्र और विजय मंत्रों के साथ विशेष पूजा की गई. उन्होंने बताया कि वैदिक विद्वानों के सान्निध्य में यह अनुष्ठान इस उद्देश्य से किया गया कि भगवान रामलला की सेवा और पूजा-पद्धति रामानंदी वैष्णव परंपरा के अनुरूप निर्बाध रूप से संचालित होती रहे.

सीताराम दास ने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि चंपत राय को एक बार फिर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नियुक्त किया जाए. उनके अनुसार, चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसलिए उनके अनुभव और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी मांग की कि ट्रस्ट में होने वाली नई नियुक्तियों में अयोध्या की रामानंदी वैष्णव परंपरा से जुड़े संतों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि मंदिर की धार्मिक परंपराओं और पूजा व्यवस्था का संचालन सुचारु रूप से होता रहे.

सीताराम दास ने कहा, “हमारी प्रार्थना है कि सभी का मन पवित्र, शुद्ध और शांत हो. हनुमान जी महाराज की कृपा से चंपत राय की पुनः ट्रस्ट में नियुक्ति होगी, ऐसा हमें पूरा विश्वास है.”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं होता है तो संत समाज इस मुद्दे को आगे उठाएगा. उन्होंने कहा कि चंपत राय की पुनर्नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में Prime Minister Narendra Modi और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा जाएगा. ज्ञापन के माध्यम से उनसे आग्रह किया जाएगा कि चंपत राय के त्याग, समर्पण और राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें ट्रस्ट में दोबारा जिम्मेदारी दी जाए.

पीआईएम/एएस