
jaipur, 4 जून . Rajasthan हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं.
आसाराम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें निरंतर चिकित्सा उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है या जोधपुर केंद्रीय कारागार में पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाए.
याचिका में कहा गया था कि आसाराम कई उम्रजनित बीमारियों से पीड़ित हैं और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत है.
मामले की सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ता आर.एस. सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने अदालत को बताया कि वह लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है.
अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कैदियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे और समय पर उचित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराए. इसके तहत जेल प्रशासन को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श, उपयुक्त आहार व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं बिना किसी बाधा के जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि चिकित्सा संबंधी जरूरतों पर समय रहते निर्णय लिए जाएं, ताकि किसी प्रकार की जटिलता पैदा न हो. अदालत ने पूर्व के आदेशों और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पहले से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को जारी रखने का निर्देश दिया.
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि चिकित्सा आधार पर राहत की एक याचिका हाल ही में विचाराधीन रही थी और कुछ दिन पहले स्वास्थ्य बिगड़ने पर आसाराम को अस्पताल भी ले जाया गया था.
गौरतलब है कि 86 वर्षीय आसाराम बढ़ती उम्र और विभिन्न बीमारियों का हवाला देते हुए लगातार जमानत की मांग करते रहे हैं. जनवरी 2025 में Supreme Court ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ अंतरिम चिकित्सकीय जमानत प्रदान की थी.
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डीएससी
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