शिवराज सिंह चौहान की किताब ‘अपनापन’ का विमोचन, पीएम मोदी के सच्चे और अनुकरणीय नेतृत्व को समझने की अपील

New Delhi, 26 मई . केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा Prime Minister Narendra Modi के साथ अपने दशकों लंबे संबंधों और उनके सार्वजनिक जीवन की झलक पेश करने वाली पुस्तक ‘अपनापन: Narendra Modi संग मेरे अनुभव’ का Tuesday को राष्ट्रीय राजधानी में विमोचन किया गया.

एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व उपPresident एम. वेंकैया नायडू और पूर्व Prime Minister देवेगौड़ा ने इस किताब को औपचारिक रूप से लॉन्च किया.

इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा, Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, लेखकों, साहित्यकारों और सामाजिक नेता शामिल हुए.

शिवराज चौहान द्वारा लिखी गई किताब ‘अपनापन’ पीएम मोदी के साथ उनके 35 साल लंबे जुड़ाव और अनुभवों के बारे में बताती है.

Union Minister ने Prime Minister के साथ काम करते हुए दशकों तक मिले स्नेह, आत्मीयता और विनम्रता को याद किया. उन्होंने कहा कि यह किताब युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी और उन्हें एक सच्चे नेता की प्रतिबद्धता और समर्पण को समझने में मदद करेगी.

अपने social media हैंडल पर किताब की एक झलक साझा करते हुए शिवराज चौहान ने पाठकों से यह किताब पढ़ने की अपील भी की, ताकि वे Prime Minister द्वारा दिखाए गए ‘सच्चे और अनुकरणीय नेतृत्व’ की गहराई को समझ सकें.

उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि यह किताब नई पीढ़ी को Prime Minister के व्यक्तित्व की विशालता, उनके बड़े दिल, राष्ट्र सेवा के प्रति उनके समर्पण और कार्यकर्ताओं के प्रति उनके गहरे स्नेह से परिचित कराएगी.

चौहान के अनुसार, यह किताब Prime Minister के साथ तीन दशकों से भी ज्यादा समय के Political और सांगठनिक जुड़ाव से मिले उनके अनुभवों, अवलोकनों और सीखों पर गहराई से रोशनी डालती है. उनका मानना ​​है कि यह किताब आम लोगों और Political कार्यकर्ताओं के दिलों को गहराई से छू जाएगी.

किताब के लॉन्च से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह किताब शासन-प्रशासन और सार्वजनिक नेतृत्व में रुचि रखने वालों के लिए एक सबक का काम करेगी.

शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि Narendra Modi जब मध्यप्रदेश के प्रभारी बनकर आए, तब मैं प्रदेश का महामंत्री था. चुनाव की तैयारी को लेकर एक बैठक चल रही थी.

उस समय उन्होंने अचानक पूछा कि बताइए, ईमेल आईडी किस-किस के पास है. उस दौर में हम जैसे कार्यकर्ताओं के लिए ईमेल और टेक्नोलॉजी बहुत सामान्य विषय नहीं थे. कई लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे, लेकिन नरेंद्र भाई तब भी भविष्य देख रहे थे. वे समझ चुके थे कि आने वाले India की ताकत टेक्नोलॉजी बनेगी.

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