कोलकाता एयरपोर्ट पर मस्जिद को लेकर दिलीप घोष बोले, गैरकानूनी है तो हटाना पड़ेगा

उत्तर 24 परगना, 29 मई . पश्चिम बंगाल Government में मंत्री दिलीप घोष ने कोलकाता हवाई अड्डे पर मस्जिद निर्माण को लेकर पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि बंगाल में बहुत जगह धर्मस्थान बनाए गए हैं, लेकिन अपने आराध्य को सम्मान के साथ रखना चाहिए न कि जमीन कब्जाने के लिए.

दिलीप घोष ने कहा कि सवाल है कि कोलकाता हवाई अड्डे पर मस्जिद बनी कैसे? अगर गैरकानूनी तरीके से बनी हुई है तो उसे हटाना पड़ेगा. सवाल है कि किन लोगों ने इसे बनने दिया? दिलीप घोष ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने गैरकानूनी तरीके से दुकान, घर बनाए हैं, वो हटा लें.

सिद्धारमैया के Chief Minister पद से इस्तीफे पर दिलीप घोष ने कहा कि कांग्रेस की परंपरा रही है. कोई Chief Minister कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता. मंत्रियों के साथ भी ऐसा ही होता है. यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, लेकिन जनता को न्याय और विकास का लाभ मिलना चाहिए.

काकोली घोष की कल्याण बनर्जी के खिलाफ स्पीकर से शिकायत को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में यह बीमारी तो थी ही, आज ऊपर तक पहुंच गई है. धीरे-धीरे पूरी टीएमसी खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ सामाजिक, कुछ सुविधाभोगी, कुछ भ्रष्टाचारी लोग मिलकर Government चला रहे थे. सबका उद्देश्य पैसा कमाना था.

दिलीप घोष ने निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और उनके परिवार से लेकर जमीन तक जितने भी लोग थे, सब पैसा कमाने लगे थे. यह सारा धन गरीब जनता का है. केंद्र Government की योजनाओं का लूटा हुआ धन है.

बकरीद के दिन Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के इस्कॉन मंदिर जाने को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि इस्कॉन के साथ हम लोगों को पुराना नाता है. मैं तो 10-12 वर्षों से जाता रहा हूं. गौशाला में जाना, भगवान का दर्शन और कीर्तन करता रहा हूं. Chief Minister के इस्कॉन जाने से Government किस नीति से चलेगी यह पता चलता है. उन्होंने कहा कि जहां संत हमें रास्ता दिखाते हैं, समाज को गाइड करते हैं. इसकी गरिमा सर्वोपरि रहना चाहिए. सीपीएम वालों ने लोगों का मनोबल तोड़ा. साधु-संत, धार्मिक गुरु और तीर्थ स्थान का अपमान किया. टीएमसी ने तो अति कर कर दी थी.

घुसपैठियों के वापस जाने को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि बांग्लादेशी, रोहिंग्या और जो यहां के नागरिक नहीं हैं, उनको वापस जाना होगा. वे अच्छे से निकल जाएं, नहीं तो उनकी स्थिति गड़बड़ हो जाएगी. उनको खराब दिन देखना पड़ेगा. सभी को जाना होगा, तभी देश को निजात मिल पाएगी.

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