
New Delhi, 28 जुलाई . शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘एंटी-पेपर लीक’ बिल को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
से बातचीत करते हुए ‘एंटी-पेपर लीक’ बिल को लेकर संजय राउत ने कहा कि इस पर चर्चा हो रही है. एक नया बिल लाया गया है, और अगर Government को लगता है कि इससे पेपर लीक रुकेंगे, तो यह अच्छी बात है. लेकिन बिल में असल में नया क्या है? यह काफी हद तक पुराने वाले जैसा ही है. पहले सजा एक साल जेल थी; अब इसे बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है. पहले जुर्माना 1 करोड़ रुपए था; अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है.”
संजय राउत ने कहा, “हालांकि, देशभर में चल रहे पेपर लीक रैकेट को भाजपा से जुड़े लोग कंट्रोल करते हैं. कई इंस्टीट्यूशन पर उनका कंट्रोल है. Maharashtra में नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार किए गए सभी लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं.” उन्होंने आगे कहा, “जिन पर देश को लूटने का आरोप है, उन्हें ‘वॉशिंग मशीन’ में डालकर साफ किया जा रहा है, और फिर अपनी पार्टी में शामिल करके ‘पवित्र’ बना देते हैं. लेकिन जब स्टूडेंट्स की बात आती है, तो आपका रवैया बिल्कुल अलग होता है.”
संजय राउत ने कहा, “अब आप यह भी जांच कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर खाना कौन परोस रहा था, पानी कौन बांट रहा था, और जूस कौन बांट रहा था. यह Government क्या कर रही है? किसी भी प्रोटेस्ट के दौरान, जो लोग मदद करना चाहते हैं, वे आगे आते हैं. कोई पानी देता है, कोई खाना देता है, कोई सैंडविच बांटता है, कोई दवाइयां देता है. अब आपने उनकी भी जांच शुरू कर दी है.”
संजय राउत ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह से स्वागत किया गया है, इसको बंद कर देना चाहिए. जिसको नीट पेपर लीक मामले के लिए इस्तीफा देना पड़ा हो, उसका स्वागत किया जा रहा है.
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एसडी/पीएम
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