
New Delhi, 15 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने India के चार सबसे लंबे समय तक Prime Minister रहने वाले नेताओं में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से सबसे अधिक कुल अवधि तक राष्ट्र को संबोधित करने का रिकॉर्ड बनाया है.
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़ों के अनुसार, Prime Minister मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषणों की कुल अवधि 1,177 मिनट रही है. यह उनके पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी अधिक है. आंकड़ों के मुताबिक, इंदिरा गांधी के भाषणों की कुल अवधि 504 मिनट, मनमोहन सिंह की 417 मिनट और जवाहरलाल नेहरू की 400 मिनट रही.
Prime Minister मोदी ने भले ही अपने कुछ पूर्ववर्तियों की तुलना में कम बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से संबोधन किया हो, लेकिन एक दशक से अधिक समय में उनके लगातार लंबे और विस्तृत भाषणों ने उन्हें कुल बोलने के समय के मामले में सबसे आगे पहुंचा दिया है. यह ऐतिहासिक मंच के जरिए स्पष्ट विजन रखने, राष्ट्रीय लक्ष्यों को सामने रखने और विकसित India के लिए रोडमैप प्रस्तुत करने की उनकी निरंतर परंपरा को दर्शाता है.
Prime Minister मोदी के लाल किले से दिए गए संबोधनों में 2047 तक विकसित India के लक्ष्य पर विशेष जोर रहा है. उनके भाषणों के प्रमुख विषयों में आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे का विस्तार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और हरित विकास को बढ़ावा देना शामिल रहा है.
Prime Minister ने अपने संबोधनों में Government की उपलब्धियों के साथ-साथ उसके कार्यकाल में किए गए वादों और उनके क्रियान्वयन का भी ब्योरा दिया है. जहां पहले के नेता अक्सर चुनौतियों को व्यापक वैचारिक संदर्भ में रखते थे, वहीं Prime Minister मोदी के भाषणों में अक्सर मापने योग्य लक्ष्य, योजनाओं से जुड़े अपडेट और विकसित India के साझा लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भविष्य का रोडमैप देखने को मिलता है.
उनके भाषणों की लंबी अवधि ने नीतिगत दिशा और नागरिकों की भागीदारी से जुड़े विषयों को विस्तार से सामने रखने की गुंजाइश भी दी है. आंकड़े बताते हैं कि स्वतंत्रता दिवस का भाषण अब केवल अतीत के स्मरण या वैचारिक संबोधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सालाना प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की योजनाओं के खाके के रूप में भी विकसित हुआ है.
Prime Minister मोदी के कुल 1,177 मिनट के संबोधनों ने उन्हें आधुनिक प्रधानमंत्रियों में लाल किले से सबसे अधिक विस्तृत भाषण देने वाले नेता के रूप में स्थापित किया है. यह ऐतिहासिक मंच India की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर सार्वजनिक विमर्श को आकार देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है.
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डीएससी
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