हैदराबाद में रियल एस्टेट एजेंट ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या, घटना के बाद फरार

हैदराबाद, 10 जून . हैदराबाद के बाहरी इलाके मलकाजगिरी में Wednesday को एक व्यक्ति ने वैवाहिक कलह के कारण अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी.

यह घटना मलकाजगिरी Police कमिश्नरेट के मलकाजगिरी Police स्टेशन इलाके में हुई.

मारुति नगर के रहने वाले और रियल एस्टेट का काम करने वाले अरुण कुमार ने अपनी पत्नी निशा रानी के साथ बहस के दौरान उन पर गोली चला दी.

आरोपी सुबह अपनी पत्नी के साथ मतभेदों पर बात करने के लिए घर आया था. गोली लगने से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी घटना स्थल से भाग गया.

बताया जा रहा है कि आरोपी के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था और Police को शक है कि उसने हत्या में मदद की होगी.

गोली की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने Police को सूचना दी. पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया.

Police ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपी और उसके साथी को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गई हैं.

इस जोड़े की शादी को पांच साल हो चुके थे. अरुण की पहली शादी रानी की बड़ी बहन स्वर्णलता से हुई थी और पहली पत्नी से उसके दो बच्चे हैं. स्वर्णलता से तलाक लेने के बाद, उसने उसकी छोटी बहन निशा रानी से शादी की. यह लव मैरिज थी, लेकिन हाल ही में उनके बीच मतभेद होने लगे थे.

तीन महीने पहले Police की वाहन चेकिंग के दौरान अरुण कुमार को अंबरपेट इलाके में हथियार के साथ पकड़ा गया था. Police को शक है कि उसने किसी दोस्त के जरिए एक और हथियार हासिल किया था.

दूसरी ओर, हैदराबाद Police ने अवैध गोद लेने के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है.

Police ने 12 दिन के शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे को बचाया, जिसे कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए एक निसंतान जोड़े को 1.7 लाख रुपए में बेचा गया था.

कुलसुमपुरा Police स्टेशन में जीरो First Information Report दर्ज की गई और अधिकार क्षेत्र के आधार पर आगे की जांच के लिए इसे नंदिगामा Police स्टेशन (रंगा रेड्डी जिला) भेज दिया गया.

Tuesday को Police को हैदराबाद के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारी के. रामू से एक औपचारिक लिखित शिकायत मिली.

नवजात की अवैध बिक्री और हस्तांतरण के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलने पर, बाल कल्याण विभाग ने आधिकारिक जांच की.

मधुसूदन और मीना लगभग 18 साल से निसंतान थे. उन्होंने बच्चा पाने में मदद के लिए पोथाराजू सुरेश से संपर्क किया. इसके बाद, सुरेश ने पद्मा पलतिया से संपर्क किया.

28 मई को टुक्कूगुडा के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मोहन की पत्नी संध्या ने बच्चे को जन्म दिया था. इस जोड़े ने बच्चे को मोहन की एक रिश्तेदार पद्मा को सौंप दिया.

डीकेएम/एबीएम