आरबीआई ने तत्काल भुगतान सेवा लेनदेन की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रु की

दिल्ली . रिज़र्व बैंक (Bank) ऑफ इंडिया (आरबीआई (Reserve Bank of India) ) ने प्रमुख उधार दर-रेपो दर-को लगातार 8वीं बार 4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है. रिवर्स रेपो रेट भी 3.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखी गई है. 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करते हुए, आरबीआई (Reserve Bank of India) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद का पूर्वानुमान 9.5 प्रतिशत लगाया गया है. गवर्नर दास ने कहा, “समिति ने टिकाऊ आधार पर विकास को पुनर्जीवित करने और बनाए रखने के लिए उदार रुख को जारी रखने तथा अर्थव्यवस्था पर पड़े कोविड -19 के दुष्प्रभाव को कम करना जारी रखने का भी फैसला किया है. यह सुनिश्चित किया गया है कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के अंदर बनी रहे. गवर्नर ने महामारी (Epidemic) की शुरुआत के बाद से अर्थव्यवस्था की वृद्धि और रिकवरी के लिए आरबीआई (Reserve Bank of India) द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आरबीआई (Reserve Bank of India) ने वित्त वर्ष 2021-22 के पहले 6 महीनों में ओपन मार्केट ऑपरेशंस के माध्यम से वित्तीय प्रणाली में 2.37 लाख करोड़ रुपये की तरलता डाली है. यह पूरे वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 3.1 लाख करोड़ रुपये की तरलता डालने के परिपेक्ष्य में है.

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