आरबीआई ने रेपो रेट नहीं बदली, 4 फीसदी पर बरकरार


मुंबई (Mumbai) . भारतीय रिज़र्व बैंक (Bank) (आरबीआई (Reserve Bank of India) ) ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है. आरबीआई (Reserve Bank of India) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रहेगी. अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है. एमपीसी की उम्मीदों के अनुसार इकोनॉमी आगे बढ़ रही है. वैक्सीनेशन से इकोनॉमी में सुधार आ रहा है. छह सदस्यों वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिनों की बैठक 6 अक्टूबर को शुरू हुई थी. आरबीआई (Reserve Bank of India) गवर्नर शुक्रवार (Friday) को 12 बजे मीडिया (Media) को संबोधित करेंगे. आरबीआई (Reserve Bank of India) का फोकस लगातार महंगाई दर कम करने और इकोनॉमिक ग्रोथ की रिकवरी पर है. आरबीआई (Reserve Bank of India) गवर्नर ने कहा कि रिजर्व बैंक (Bank) लगातार ये कोशिश करेगा कि महंगाई दर लक्ष्य के भीतर रहे. उन्होंने कहा कि एमपीसी के सभी 6 सदस्यों ने सहमति से पॉलिसी रेट में बदलाव ना करने का फैसला किया है. शक्तिकांत दास ने कहा कि एमपीसी की पिछली बैठक के मुकाबले इस बार भारत की स्थिति ज्यादा बेहतर है. ग्रोथ मजबूत हो रही है और महंगाई दर पर उम्मीद से बेहतर स्थिति में है. मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने ‎वित्तीय वर्ष 2021 के लिए जीडीपी की ग्रोथ रेट 9.5 फीसदी पर बरकरार रखा है.
भारतीय ‎रिजर्व बैंक (Bank) की कुछ खास बातें ‎निम्न‎लिखित हैं-
– आरबीआई (Reserve Bank of India) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. यह चार फीसदी पर बरकरार है. यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है.
– आरबीआई (Reserve Bank of India) गर्वनर शक्तिकांता दास ने कहा कि सभी सदस्य दरें बरकरार रखने के पक्ष में है.
– मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट भी 4.25 फीसदी पर स्थिर है.
– दास ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है.
– इसके साथ ही बैंक (Bank) रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है. यह 4.25 फीसदी पर है.
– केंद्रीय बैंक (Bank) ने मौद्रिक रुख को ‘उदार’ बनाए रखा है.
– भारतीय रिजर्व बैंक (Bank) ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की वास्तविक जीडीपी में 9.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है.
– इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.9 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी.
– शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी 17.1 फीसदी रह सकती है.
– मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि, वित्त वर्ष 2021-2022 में सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3 फीसदी रह सकती है. पिछली बैठक में 5.7 फीसदी का अनुमान लगाया गया था.
– दूसरी तिमाही में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है, तीसरी तिमाही में 4.5 और चौथी तिमाही में यह 5.8 फीसदी हो सकती है.
– वहीं केंद्रीय बैंक (Bank) ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-2023 की पहली तिमाही में सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी रह सकती है.
सतीश मोरे/08अक्टूबर

 

Check Also

पेट्रोल और डीजल महंगा

नई ‎दिल्ली . घरेलू बाजार में गुरुवार (Thursday) को लगातार दूसरे दिन पेट्रोल (Petrol) और …