
Lucknow, 13 जुलाई . Samajwadi Party के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के मामले में Supreme Court की सुनवाई के बाद केंद्र और उत्तर प्रदेश Government पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि अदालत द्वारा Government और राम मंदिर ट्रस्ट से जवाब तलब किए जाने और एसआईटी की जांच रिपोर्ट मांगने से मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है. साथ ही, उन्होंने राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति प्रक्रिया, आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने समेत कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी.
राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के मामले में Supreme Court की सुनवाई पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि चंदा चोरी की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर Supreme Court ने Government और राम मंदिर ट्रस्ट से जवाब मांगा है. इसके साथ ही एसआईटी की जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है. उन्होंने विश्वास जताया कि Supreme Court सीबीआई जांच की मांग स्वीकार करेगा और मामले के कथित बड़े दोषियों का खुलासा होगा तथा कथित रूप से चोरी गई संपत्ति की बरामदगी भी होगी.
राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे जाने पर भी सपा विधायक ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब मंदिर में कथित चोरी के मामले की जांच जारी है और Supreme Court में मामला विचाराधीन है, तब किसी भी नई नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए. अदालत के अंतिम निर्णय से पहले नियुक्तियां होने से साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका पैदा हो सकती है.
राम मंदिर गबन मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने पर उन्होंने कहा कि आरोपियों की रिमांड तो बढ़ाई जा रही है, लेकिन उनकी संपत्तियों की जांच या कथित गबन की रकम की बरामदगी के लिए कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने Chief Minister योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अब तक आरोपियों के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी अन्य मामलों में देखने को मिलती रही है.
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में बद्री-केदार मंदिर समिति के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी पर मेहरोत्रा ने कहा कि यह घटना भी मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है. विभिन्न मंदिरों में नकदी, सोने-चांदी के सिक्कों और आभूषणों के गबन की घटनाएं सामने आ रही हैं. किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र आयोग गठित किया जाए, जो देश के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे और दान की व्यवस्था की निगरानी करे और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के उपाय सुझाए. उन्होंने बद्रीनाथ, काशी विश्वनाथ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, महाकाल और केदारनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन ट्रस्टों के कामकाज की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस नेता इमरान मसूद द्वारा Samajwadi Party पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली थीं, जिनमें से एक सीट पर Samajwadi Party ने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन किया था. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सांसद भी सपा के सहयोग से जीतकर आए हैं. प्रदेश में Samajwadi Party सबसे बड़ी विपक्षी ताकत है और भाजपा का वास्तविक विकल्प भी वही है. आगामी चुनाव में Samajwadi Party अपने दम पर Government बनाने की स्थिति में है और अखिलेश यादव Chief Minister बनेंगे.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यदि कांग्रेस बरगद का पेड़ है तो उसके नीचे कोई दूसरा पौधा विकसित नहीं हो सकता, जबकि Samajwadi Party आम के पेड़ की तरह है, जो छाया भी देता है और फल भी देता है. सपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, जबकि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के विकास में बाधा बनती रही है.
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/डीकेपी
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