‘डॉन 3’ विवाद में रणवीर सिंह को मिला बड़ा साथ, पद्मिनी कोल्हापुरे बोलीं- ‘हम हमेशा उनके लिए खड़े हैं’

Mumbai , 29 मई . Bollywood की चर्चित फिल्म ‘डॉन 3’ इन दिनों अपनी कहानी से ज्यादा विवादों की वजह से सुर्खियों में बनी हुई है. जब से यह खबर सामने आई है कि रणवीर सिंह इस फिल्म से बाहर हो गए हैं, तब से फिल्म इंडस्ट्री में लगातार चर्चाएं तेज हैं. इस मामले ने बड़ा रूप तब लिया, जब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने Actor को बैन कर दिया. अब इस विवाद के बीच सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की वाइस-प्रेसिडेंट और दिग्गज Actress पद्मिनी कोल्हापुरे ने रणवीर सिंह के प्रति समर्थन जताया है.

से बात करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने रणवीर सिंह का समर्थन करते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, ”सिंटा को रणवीर सिंह के मेंबर होने पर गर्व है. जब भी उन्हें हमारी जरूरत होती है, हम उनके साथ खड़े रहते हैं. यह बात पहले ही पब्लिक डोमेन में आ चुकी है, इसलिए मैं इस पर और कोई कमेंट नहीं करना चाहती. हम उनके लिए, उनके साथ हैं. अगर उन्हें कभी हमारी जरूरत पड़ी, तो हम रणवीर सिंह के लिए हमेशा खड़े हैं.”

पद्मिनी कोल्हापुरे का यह बयान ऐसे समय आया है जब रणवीर सिंह लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं. दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब फिल्म ‘डॉन 3’ के निर्देशक और Actor फरहान अख्तर ने एफडब्ल्यूआईसीई से शिकायत की. बताया गया कि रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने की वजह से मेकर्स को लगभग 45 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा.

ऐसे में एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया. इस पूरे विवाद को लेकर फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने से बात करते हुए बताया था कि रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने का फैसला किया. उस समय तक फिल्म की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. शूटिंग की लोकेशन तय हो चुकी थी, होटल बुक किए जा चुके थे और शूटिंग की परमिशन भी ले ली गई थी.

अशोक पंडित ने कहा, ”इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था. ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से निर्माताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इस नुकसान से निर्माताओं के साथ-साथ पूरी टीम प्रभावित होती है. फेडरेशन ने रणवीर सिंह से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद यह फैसला लिया गया.”

पीके/एबीएम