रांची : जगन्नाथपुर मंदिर प्रबंधन का विवाद, न्यास बोर्ड ने हाईकोर्ट में पेश की संशोधित स्कीम, 11 सदस्यीय कमेटी करेगी अध्ययन

रांची, 12 अगस्त . रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई Wednesday को Jharkhand हाईकोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान Jharkhand हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के संचालन और प्रबंधन की संशोधित स्कीम अदालत में पेश की गई.

हाईकोर्ट ने स्कीम के अध्ययन और उसपर रिपोर्ट देने के लिए महाधिवक्ता रोहित राय की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी गठित की है. न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत ने कमेटी को संशोधित स्कीम का अध्ययन कर तीन सितंबर तक अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी. बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत में पक्ष रखा.

मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने Jharkhand हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड को जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए विधिसम्मत स्कीम प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि स्कीम Jharkhand हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड अधिनियम की धारा 32 के तहत तैयार की जानी चाहिए. इसके बाद बोर्ड ने संशोधित स्कीम अदालत में पेश की.

जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन को लेकर विवाद वर्ष 2021 में उस समय शुरू हुआ था, जब Jharkhand हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने मंदिर की पुरानी प्रबंधन समिति को हटा दिया था. बोर्ड ने आठ जुलाई 2021 को नई समिति का गठन किया था. पुरानी व्यवस्था में रांची के उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी पदेन सदस्य के तौर पर समिति से जुड़े रहते थे. नई समिति के गठन में प्रशासनिक अधिकारियों, मुख्य पुजारी और स्थानीय धार्मिक प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किए जाने पर भी सवाल उठे थे.

मामले में मंदिर की आय-व्यय और खातों में पारदर्शिता को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं. मंदिर के वित्तीय प्रबंधन की जांच और विशेष ऑडिट की मांग को लेकर भी अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. मंदिर की सुरक्षा का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण रहा है. अप्रैल 2026 में मंदिर परिसर में चोरी के इरादे से घुसे अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी थी. इसके बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे.

हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में 24 घंटे पर्याप्त Police बल की तैनाती का निर्देश दिया था. राज्य की ओर से अदालत को बताया गया था कि रांची एसएसपी के निर्देश पर मंदिर में चौबीसों घंटे Police बल तैनात कर दिया गया है. अदालत ने मंदिर के सुचारू संचालन के लिए अंतरिम वित्तीय व्यवस्था के तहत रांची के उपायुक्त को प्रतिमाह 30 हजार रुपये उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया था.

एसएनसी/एएस