
New Delhi, 19 मई . भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार ने अपनी गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी छाप छोड़ी है. घरेलू स्तर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है.
20 मई 1978 को Maharashtra में जन्मे रमेश राजाराम पोवार ने साल 1999 में फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत की थी. 2002-03 के सीजन में Mumbai को रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले इस मजबूत कद-काठी के गेंदबाज ने अपनी ‘फ्लाइटेड’ गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान किया.
2002-03 के सीजन में रमेश पोवार ने कभी भी नंबर-7 से ऊपर बल्लेबाजी नहीं की, लेकिन इसके बावजूद टूर्नामेंट में Mumbai के लिए सर्वाधिक रन बनाने के मामले में दूसरे पायदान पर रहे, जिन्होंने 418 रन बनाए.
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के साथ रमेश पोवार ने जल्द ही चयनकर्ताओं का ध्यान खींच लिया. मार्च 2004 में उन्हें Pakistan दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम में चुना गया. इस सीरीज में पोवार कोई विकेट हासिल नहीं कर सके. इसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉ कर दिया गया.
2005-06 के घरेलू सीजन में 63 विकेट लेने वाले पोवार को अपने वजन के चलते आलोचानाओं का शिकार होना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन के साथ आलोचकों को करारा जवाब दिया.
साल 2006 में फिर से रमेश पोवार ने भारतीय टीम में वापसी की. इस बार उन्होंने Pakistan और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. मई 2006 में उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ भी मौका मिला.
साल 2007 में रमेश पोवार को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका भी मिला, जिसमें उन्होंने 6 विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बाद उन्हें फिर से टेस्ट टीम में स्थान नहीं मिला.
साल 2007 में ही रमेश पोवार ने अपना अंतिम वनडे मैच भी खेला. इस फॉर्मेट में उन्होंने कुल 31 मुकाबले खेले, जिसमें 35.02 की औसत के सात 34 विकेट निकाले.
घरेलू क्रिकेट में रमेश पोवार का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 148 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 31.31 की औसत के साथ 470 विकेट अपने नाम किए, जबकि 113 लिस्ट-ए मुकाबलों में 142 विकेट हासिल किए.
रमेश पोवार ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कुल 27 मैच खेले, जिसमें 13 विकेट हासिल किए. इस लीग में रमेश किंग्स इलेवन पंजाब और कोच्चि टस्कर्स केरल की तरफ से खेले. रमेश पोवार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं.
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आरएसजी
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