राम मंदिर दान विवाद: केजरीवाल बोले, बड़े नामों को बचाने के लिए बनाई गई एसआईटी

Lucknow, 25 जून . आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने Thursday को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ ‘आंखों में धूल झोंकने’ वाली कार्रवाई है.

केजरीवाल Thursday को अयोध्या पहुंचे. Friday को वह राम मंदिर के दर्शन करेंगे.

पत्रकारों से बात करते हुए आप प्रमुख ने कहा, ”मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवान राम के चरणों के जूते, माला, दीपक, आभूषण, हीरे और रत्न और यहां तक कि चढ़ावे की भी चोरी की गई है. लगभग 200 करोड़ रुपए कैश और करीब 2 किलो चांदी की भी चोरी का आरोप है. यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और करोड़ों भक्त इससे आहत हैं.”

एक पुराने वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ”मैंने कल कहा था कि अगर 100 रुपए भी चोरी हों तो First Information Report दर्ज होती है, लेकिन यहां करोड़ों की चोरी के बावजूद First Information Report नहीं दर्ज की गई है, जबकि कुछ राशि बरामद भी हुई है.”

आप प्रमुख ने कहा कि बिना First Information Report के एसआईटी नहीं बनाई जा सकती.

उन्होंने कहा, ”दंड प्रक्रिया संहिता में कहा गया है कि First Information Report दर्ज होने के बाद ही एसआईटी बनाई जाती है.”

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया, ”यह एसआईटी किस कानून के तहत बनाई गई है? इस टीम के पास जांच करने का कोई अधिकार नहीं है. इसलिए यह एसआईटी सिर्फ लोगों को गुमराह करने का तरीका है. यह एसआईटी ‘बड़े नामों को बचाने’ के लिए बनाई गई है.”

उन्होंने कहा, ”इतनी बड़ी और लंबे समय से हो रही चोरी बिना प्रभावशाली लोगों के समर्थन के संभव नहीं है.”

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कहा कि इस मामले में तुरंत First Information Report दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर को दिए गए चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी हिंदू समाज की आस्था को चोट पहुंचाती है.

एएमटी/