
रायपुर, 25 जून . कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने राम मंदिर दानपात्र में घपले के मामले में जांच की मांग की है. उन्होंने इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच होनी चाहिए. जांच में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.
उन्होंने Thursday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि राम मंदिर में प्रयुक्त ईंट का पता नहीं, चंदे के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है, जहां तक पारदर्शी तरीके से चंदे की होती है, वहां पर इस प्रकार से एक बड़ी राशि का भ्रष्टाचार में डूब जाना बहुत ही चिंता की बात है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
वहीं, रायपुर में धर्मांतरण का कानून लागू होने के बाद दो पादरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, इस पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. कांग्रेस ऐसे मामलों में संरक्षण देने का काम करती है.
इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि मुझे ख्याल से जोगी जी ईसाई समुदाय से आते थे. जब वो सीएम के पद पर थे, तो पादरी गिरफ्तार हुए थे. शायद केदार कश्यप को इस बारे में जानकारी नहीं होगी. उन दिनों वो कॉलेज में रहे होंगे. उनकी उम्र कम रही होगी. अगर कोई व्यक्ति गलत काम करता हुआ पाया जाता है, तो कायदे से उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. चाहे वो कांग्रेस हो या भाजपा. अगर कोई काम कानून के अनुरूप हो रहा है, तो उसमें बाधा डालना पूरी तरह से गलत है.
इसके अलावा, एनसीईआरटी की किताबों में ‘इमरजेंसी’ विषय को शामिल किया गया है, जिस पर कांग्रेस नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरे ख्याल से ये पहले 11वीं की पाठ्यपुस्तकों में शामिल था, जिसे अब 9वीं की पुस्तकों में शामिल करने का फैसला किया गया. अगर इतिहास में कोई घटना घटी है और उसे पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जा रहा है, तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सभी को इस घटना के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए.
ऐसे ही पूर्व के इतिहास की जो जानकारी है, उसे भी किताबों में शामिल किया जाना चाहिए. इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इसे मिटाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए.
कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव से जुड़े जमीन घोटाले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, जहां तक व्यवसाय की बात है तो वो कोई भी कर सकता है. इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं है. उनका परिवार पहले से ही रियल स्टेट के कारोबार से जुड़ा हुआ था. अगर कहीं पर यह बात सामने आती है कि कहीं पर कीमती जमीन को कम दाम में बेच दिया गया है तो निश्चित तौर पर यह जांच का विषय है.
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एसएचके/
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