सरकारी बैंकों के विलय में सावधानी बरतना जरूरी: रजनीश कुमार · Indias News

सरकारी बैंकों के विलय में सावधानी बरतना जरूरी: रजनीश कुमार


नई दिल्ली . भारत के प्रमुख सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार का कहना है कि सरकारी बैंकों के आपस में विलय प्र‎क्रिया में सबसे बड़ी चुनौती इस समय टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के आपस में तालमेल को लेकर हो रही हैं. उन्होंने कहा ‎कि बैंक विलय प्रोसेस अब मिड लेवल पर पहुंच गया हैं. उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी इंटीग्रेशन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.

गौरतलब है ‎कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने जिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय का ऐलान किया है. उनमें पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय होगा. इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. इसके अलावा केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक और इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाएगा. विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जाएगी.

अप्रैल, 2017 में एसबीआई ने अपने पांच सहयोगी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक आफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का खुद में विलय किया था. भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के एक कार्यक्रम में रजनीश कुमार ने कहा ‎कि सरकारी बैंकों के समक्ष निकट भविष्य में प्रमुख चुनौती विलय को लेकर है. सूचना प्रौद्योगिकी का विलय काफी सावधानी से करने की जरूरत है.

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