
New Delhi, 26 मई . जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में गोंडोला (केबल कार) सेवा में तकनीकी खराबी के कारण Monday को पर्यटक केबिनों में हवा में फंस गए थे. पर्यटकों को सुरक्षित बचाए जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा बलों की प्रशंसा की है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे 300 पर्यटकों का सफल बचाव हमारी आपदा राहत एजेंसियों की तत्परता, उनके पेशेवर रवैये, साहस और समन्वय को दर्शाता है. भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर Police, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन की संयुक्त बचाव टीम ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को कुशलता और दृढ़ संकल्प के साथ अंजाम दिया. राष्ट्र इस बचाव अभियान में शामिल सभी कर्मियों के समर्पण और सेवा की सराहना करता है.”
दरअसल, Monday को गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच सेवा तकनीकी खराबी के कारण अचानक रुक गई थी. इससे कई पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए. जम्मू-कश्मीर Police और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण से सहायता मांगे जाने का संदेश मिलते ही भारतीय सेना तुरंत सक्रिय हो गई. बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल रवाना किए गए, जिन्होंने खराब मौसम के बावजूद तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. सेना के साथ-साथ एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों ने भी संयुक्त अभियान चलाया.
राहत कार्य को और तेज करने के लिए गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन की अतिरिक्त गाड़ियों को भी लगाया गया. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि गोंडोला सेवा को सामान्य होने में समय लगने की संभावना जताई गई थी. तकनीकी खराबी से कुल 65 केबल कारें प्रभावित हुई थीं.
इस खराबी के कारण घने बादलों, ठंडी हवाओं और खराब मौसम के बीच जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में Monday को अचानक अफरा-तफरी मच गई थी. प्रसिद्ध गुलमर्ग गोंडोला सेवा में आई इस तकनीकी खराबी से कई लोग परेशान हो गए.
बता दें कि गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है. इसमें कुल 108 केबिन हैं और एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं. यहां हर साल गर्मियों के दिनों में भारी संख्या में पर्यटक छुट्टियां बिताने के लिए पहुंचते हैं. गुलमर्ग गोंडोला सेवा का लाभ उठाते हुए पर्यटक बर्फीली चोटियों के खूबसूरत दृश्यों का आनंद लेते हैं.
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ओपी/एएस
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