
Bhopal , 28 मई . Madhya Pradesh के उप Chief Minister राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि अंडर सर्व्ड एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि अंतिम पंक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सकें. उन्होंने Thursday को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, अधोसंरचना विकास एवं मानव संसाधन संबंधी विषयों की विस्तृत समीक्षा की.
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति, चिकित्सालयों के संधारण एवं रख-रखाव, सागर स्थित कैंसर हॉस्पिटल हेतु पदों की स्वीकृति, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण (लैब स्ट्रेंदनिंग) और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने संबंधी विषयों की समीक्षा की गई.
डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि अंडर सर्व्ड एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि अंतिम पंक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सकें. उन्होंने कहा कि केवल चिकित्सकों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता भी सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के लिए अत्यंत आवश्यक है. इस दिशा में प्रभावी एवं ठोस प्रयास किए जाएं.
सीएम केयर्स के अंतर्गत अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) से जुड़े प्रकरणों में अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति संबंधी विषय पर भी चर्चा की गई. उप Chief Minister शुक्ल ने निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं. उन्होंने आयुष्मान India योजना के अंतर्गत कैंसर उपचार पैकेज को शामिल किए जाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे कैंसर रोगियों को उपचार में अधिक आर्थिक सहायता मिल सके और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक उनकी पहुंच आसान हो.
उप Chief Minister राजेंद्र शुक्ल ने विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहज एवं संवेदनशील बनाए जाने पर विशेष बल दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाए. साथ ही गंभीर बीमारी, पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पदस्थापना, दिव्यांग आश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता जैसे संवेदनशील प्रकरणों को स्थानांतरण प्रक्रिया में प्राथमिकता प्रदान की जाए.
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एसएनपी/एएसएच
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