केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ, पढ़ाई के बजाय गिरा रही शैक्षिक संस्थान : राजीव राय

मऊ, 17 जुलाई . Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है. रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं. इस मुद्दे पर Samajwadi Party के सांसद राजीव कुमार राय ने Government की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बताया.

सपा सांसद राजीव राय ने से बात करते हुए कहा कि यह Government की कार्यशैली की पराकाष्ठा है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर करने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा, “जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां की इमारतें गिराने की तैयारी की जा रही है. यह वही Government है, जो पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और स्कूल बंद कराने जैसे मामलों पर गंभीरता से काम करने के बजाय शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने में लगी हुई है.”

उन्होंने जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी समर्थन किया. राजीव राय ने कहा कि उनकी पूरी सहानुभूति और समर्थन आंदोलनरत छात्रों के साथ है. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन देश की अमानत है, इसलिए अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें.

उन्होंने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दें.

सपा सांसद ने कहा कि यदि वे संसदीय समिति की बैठक में व्यस्त न होते तो स्वयं जंतर-मंतर जाकर छात्रों के बीच मौजूद रहते.

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए. उनका कहना था कि जिस न्याय व्यवस्था से लोगों को सबसे अधिक उम्मीद होती है, वहां से भी यदि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो यह चिंता का विषय है.

राजीव राय ने आरोप लगाया कि केंद्र Government शिक्षा व्यवस्था के साथ योजनाबद्ध तरीके से खिलवाड़ कर रही है. उनके अनुसार Government नहीं चाहती कि युवा शिक्षित होकर अपने अधिकारों की बात करें और सत्ता से सवाल पूछें. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन वर्तमान Government को सवाल पसंद नहीं हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि संसद का अगला सत्र शुरू होने पर वह इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएंगे. साथ ही उन्होंने बताया कि संसदीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी, बहस, प्रश्न, उपस्थिति और जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाने के आधार पर उन्हें सम्मान मिला है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि घोसी Lok Sabha क्षेत्र की जनता का है और वह अपने क्षेत्र के लोगों से किए गए वादों को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करते रहेंगे.

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