मेरठ की घटना पर राजभर का सपा पर हमला, बोले-पीडीए नहीं, दलितों के अपमान की राजनीति करती है सपा

Lucknow, 3 जुलाई . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मेरठ के मवाना में Samajwadi Party के एक कार्यक्रम में कथित मंचीय विवाद को लेकर सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का पीडीए का नारा महज Political दिखावा है, जबकि पार्टी के भीतर दलित और पिछड़े समाज के नेताओं का सम्मान सुरक्षित नहीं है.

उन्होंने दावा किया कि मेरठ की घटना सपा की कथित जातिवादी कार्यशैली का उदाहरण है और प्रदेश का दलित एवं अति पिछड़ा समाज ऐसे घटनाक्रमों को गंभीरता से देख रहा है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने social media मंच एक्स पर लिखा कि ‘वाईपी’ यानी ‘यादववादी पार्टी’ दलितों का अपमान कैसे करती है, इस घटना से समझिए. उन्होंने कहा कि मेरठ के मवाना में ‘राजा बाबू’ उर्फ अखिलेश यादव की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सभा बुलाई. मंच सजा था. माला था और माइक भी था. कुछ लोग भी थे.

ओपी राजभर ने लिखा कि दलित समाज से आने वाले पूर्व मंत्री, जो कि जाति से वाल्मीकि हैं, मंच की शोभा बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे तो उनके साथ गुर्जर समाज से आने वाले जिलाध्यक्ष भी उस शोभा का हिस्सा बनने के प्रयास में थे. देशभक्ति और समाजवाद का गीत बज रहा था. पूरा माहौल आपसी ‘भाई और चारे’ का था. अचानक से ‘वाईपी’ यानी ‘यादववादी पार्टी’ के सेक्टर अध्यक्ष की दमदार एंट्री होती है, जो यादव है. कार्यक्रम के माहौल के साथ मंच का गीत बदल जाता है.

अखिलेश यादव जी की पार्टी का फेवरेट गीत- ‘भइया के आवे दे सत्ता में, कट्टा सटा के उठा लेंगे घारा से’ बजना शुरू हो जाता है. और सेक्टर अध्यक्ष पूर्व मंत्री समेत जिलाध्यक्ष को उनकी हैसियत बताना शुरू कर देता है. अखिलेश जी का सेक्टर अध्यक्ष कहता है- यादवों कि पार्टी का कार्यक्रम है, मंच पर तुम लोग कैसे बैठ गए? तमतमाए सेक्टर अध्यक्ष के सामने सबकी हिम्मत जवाब दे जाती है. कईयों की घिग्घी बंध जाती है. सेक्टर अध्यक्ष के अखिलेश जी का स्वजातीय होने का डर मंच पर बैठे सभी लोगों के ख्याल में आ जाता है. कहीं भइया जी से कह दिया तो? वहीं बेचारे दलित नेता अखिलेश जी के सेक्टर अध्यक्ष की गाली खाते-खाते पस्त हो जाते हैं.

ओपी राजभर ने कहा कि वो बेचारे कर भी क्या कर सकते थे कुछ बोल देते तो उनके साथ पीडीए यानी ‘पीट देगा अहीर’ (सपाई) हो जाता. तो शांत रहे. उत्तर प्रदेश का अति पिछड़ा और दलित समाज अखिलेश जी की पार्टी के एक-एक अपमान को नोट कर रहा है. देखते जाइए. समय आएगा. उन्होंने एक बार फिर दावा करते हुए कहा कि सपा में टूट होगी और होकर रहेगी. मुरादाबाद के बाद मेरठ में भी टूट की शुरुआत हो चुकी है. इंतजार करिए.

विकेटी/पीएम