
jaipur, 24 जून . Rajasthan विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे निंदनीय बताया.
टीकाराम जूली ने Wednesday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में Rajasthan में स्थिति कैसी बनी हुई है, यह बात किसी से छुपी नहीं है. पहले कफ सिरप से मौत का मामला प्रकाश में आया है, और इसके बाद कुपोषण से मौत का मामला आया है, जबकि हमारी Government में कई प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की गई थी, जिनका फायदा बड़े पैमाने पर आम लोगों को हुआ. Government की इन पहलों की वजह से प्रदेश के चिकित्सकीय जगत में एक सकारात्मक बदलाव आया है.
उन्होंने कहा कि राइट टू हेल्थ लेकर आए, चिरंजीवी योजना, आरजीएचएस योजना, नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क जांच योजना, निरोगी Rajasthan योजना जैसी स्कीम हम आम जनता के फायदे के लिए लेकर आए. इन योजनाओं की वजह से प्रदेश में ऐतिहासिक काम हुए. कोटा और बीकानेर में किडनी फेल जैसे मामले प्रकाश में आ रहे हैं. वहीं, जोधपुर और नागोर से भी ऐसे मामले प्रकाश में सामने आए हैं. यह एक बहुत बड़ा घोटाला है. नकली दवाइयां आ रही हैं, जिससे इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है.
उन्होंने कहा कि इन लोगों के ऊपर तो मर्डर केस दर्ज होना चाहिए. ऐसा करके आम लोगों की जान लेने की कोशिश की जा रही है. आखिर कौन हैं वो लोग, जो जांच कर रहे हैं? कौन लोग हैं, जिन्होंने ऐसा करने की परमिशन दी है. कौन लोग हैं, जिन्होंने इंजेक्शन बनाने का काम किया है. ऐसे लोगों को चिन्हित करके इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अभी तक कुछ नहीं हुआ. दुर्भाग्य की बात है कि इतनी मौत होने के बाद भी इनकी फैक्ट्रियों को सील करने का काम नहीं किया गया है. अब इस पूरे मामले में इस तरह की कार्रवाई हो रही है कि आम जनता को ही दोष दिया जा रहा है. यह तरीका सही नहीं है. मैं सीएम को कहना चाहूंगा कि वो संज्ञान लेकर इस मामले में कार्रवाई करें.
–
एसएचके/डीकेपी
Skip to content